मुंबई जाने वाले शहर के हजारों यात्रियों की मुसीबत बढ़ गई हैं। लखनऊ से मुंबई जाने वाली चार मुख्य ट्रेनों में शयनयान की वेटिंग 20 जून तक रिग्रेट कर दी गई है।
रेलवे ने 500 के करीब वेटिंग पहुंचते ही अब उसका टिकट देना बंद कर दिया है। एसी 3 का भी ऐसा ही हाल है। रेलवे ने मुंबई की ट्रेनों में 20 जून तक वेटिंग टिकट देने पर रोक लगा दी है।
उस पर रात भर जागने के बावजूद पहला नंबर पर खड़े यात्रियों को तत्काल कोटे की वेटिंग नहीं मिल पा रही है। केवल 3 सेकेंड के भीतर पुष्पक एक्सप्रेस की तत्काल कोटे की सीटें रिग्रेट हो गई हैं।
इन ट्रेनों के टिकट पर लगी रोक
रेलवे ने इस गर्मी में भले ही गोरखपुर से जनसाधारण और प्रीमियम ट्रेनें चला दी हैं, लेकिन लखनऊ से हजारों फंसे यात्रियों के सामने अगले दो सप्ताह तक गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
सामान्य और तत्काल रेल आरक्षण में वेटिंग का भी टिकट न मिलने से ये हजारों यात्री मुंबई नहीं जा पा रहे हैं। ऐसा पहली बार हुआ है जब यात्रियों के पास 20 जून तक कोई विकल्प ही नहीं बचे हैं।
पुष्पक एक्सप्रेस ही नहीं, कुशीनगर एक्सप्रेस, अवध एक्सप्रेस और गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनल सुपरफास्ट एक्सप्रेस में शयनयान और एसी 3 श्रेणी की वेटिंग टिकट देने पर रोक लग गई है।
इधर उम्मीद टूटी उधर फिर लाइन
पहला नंबर होने के बावजूद तत्काल की वेटिंग का टिकट न मिलने पर सुबह 10 बजे से ही दोबारा लोग लाइन लगने पर मजबूर हैं।
चारबाग सहित सभी रेल आरक्षण केंद्रों पर दस बजे से ही अगले दिन के तत्काल आरक्षण के लिए नंबर की लिस्ट बन जा रही है।
लोग अपने साथ खाने पीने की वस्तुएं लाकर यहीं आरक्षण केंद्र पर ही डेरा जमा रहे हैं। इसमें भी पहले के दस नंबरों के नाम दलालों के होते हैं।
मुंबई में बन रहे लखनऊ के टिकट
रेलवे की लाख दावों के बावजूद तत्काल कोटे के गोरखधंधे पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। इस बार भी मुंबई में बैठे दलाल वहां से लखनऊ से वापसी के टिकट बनवा रहे हैं।
गुरूवार सुबह 10 बजे तत्काल का आरक्षण खुला तो शयनयान की 110 सीटों का आरक्षण दादर, भाईखला, घाटकोपर, लोकमान्य तिलक टर्मिनल, बांद्रा, वापी और अन्य दूसरे छोटे उपमहानगरीय स्टेशनों से ही हो गया।
मुंबई से इन टिकटों को ट्रेन 12542 एलटीटी-गोरखपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस से दलाल के कूरियर लखनऊ की ओर लेकर आते हैं। यहां से गोंडा के बीच यह यात्रियों को टिकट डिलिवरी करते हैं।
इसके एवज में दलाल यात्रियों से उनकी आईडी और मोटी रकम वसूल रहे हैं।