पांच नए स्वशासी मेडिकल कॉलेजों, बदायूं मेडिकल कॉलेज और राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान ग्रेटर नोएडा में 2019-20 में गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने के मामले में कोई फैसला नहीं हो पाया है।
चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय को इस मामले में केंद्र से गाइड लाइन जारी होने का इंतजार है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने इन मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटें बढ़ाने से मनाकर दिया है।
चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय के अनुसार सवर्ण आरक्षण के तहत सीटें बढ़ाने से एमसीआई के इनकार के बाद शासन से सचिव मुकेश मेश्राम को स्वास्थ्य मंत्रालय भेजा गया था। प्रदेश की तरफ से पक्ष रखा गया है।
उम्मीद है कि जल्द ही इस पर फैसला हो जाएगा। एमसीआई ने राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान ग्रेटर नोएडा, राजकीय मेडिकल कॉलेज बदायूं, स्वशासी मेडिकल कॉलेज बस्ती, बहराइच, अयोध्या, शहजहांपुर, फिरोजाबाद में सवर्ण आरक्षण के तहत सीटें बढ़ाने से मनाकर दिया है। इन सभी कॉलेजों में इसी सत्र से एमबीबीएस पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति मिली है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज झांसी, गोरखपुर, इलाहाबाद, कानपुर, उप्र ग्रामीण आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई और डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण के तहत प्रदेश में 310 एमबीबीएस की सीटें बढ़ाई हैं।