बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने भाई आनंद कुमार की 400 करोड़ की संपत्ति आयकर विभाग की कार्रवाई में अटैच किए जाने के बाद केंद्र की भाजपा सरकार पर कड़ा हमला बोला है।
मायावती ने कहा है कि यदि भाजपा वाले अपने आपको ‘हरिश्चंद्र’ मानकर चलते हैं तो फिर वे एक बार सभी की यह जांच करवा लें कि राजनीति में आने के पहले उनके व उनके परिवार वालों के पास कितनी संपत्ति थी और अब कितनी है? देश के सामने दूध का दूध व पानी का पानी साफ हो जाएगा।
मायावती ने यहां जारी एक बयान में कहा कि भाजपा व आरएसएस पहले नंबर की जबरदस्त जातिवादी पार्टी व संगठन है। भाजपा को दूसरों पर अंगुली उठाने से पहले खुद भी अपने गिरेबान में झांक कर देखना चाहिए।
जब भाजपा एंड कंपनी के लोग व इनके रिश्ते-नातेदार रातों-रात धन्नासेठ बन जाते हैं तो वे उसे जायज ठहराते हैं। यदि वंचित वर्गों में कोई अपने खुद के कारोबार से थोड़ा भी आगे बढ़त है तो इन्हें काफी तकलीफ होने लगती है और ये सत्ता व सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने लगते हैं।
उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान लगभग 2000 करोड़ से ज्यादा धन भाजपा के बैंक खाते में आया। यह नहीं बताया गया कि यह धन उनके पास कहां से आया? क्या यह भाजपा की बेनामी संपत्ति नहीं है?
मायावती ने आरोप लगाया कि जबसे भाजपा नरेंद्र मोदी व अमित शाह के नेतृत्व में दूसरी बार केंद्र की सत्ता में आई है, इस पार्टी ने देश में हर जगह अरबों-खरबों की संपत्ति खरीदी है। यह धन भाजपा के पास कहां से आया, जवाब देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा दबे-कुचले समाज के लोगों के खिलाफ सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर प्रताड़ित करना बंद कर दे।
उन्होंने रेलवे के निजीकरण करने की कोशिश का आरोप लगाते हुए कहा कि रेलवे सरकारी नौकरियों में आरक्षण लागू करने वाली एक मात्र बड़ी संस्था है। भाजपा की केंद्र व राज्य सरकारें प्राइवेट सेक्टर के जरिए आरक्षण को खत्म करने की कोशिश में लगी हैं। इस संबंध में बीएसपी के लोगों को सजग रहने की जरूरत है।