अगले साल प्रस्तावित विधान सभा चुनाव में एक ही परिवार के मतदाताओं को वोट डालने के लिए अलग मतदान केंद्रों और पोलिंग बूथ पर नहीं जाना पड़ेगा। निर्वाचन आयोग ने विधानसभा चुनाव से पहले सूचियों का पुनरीक्षण कर एक ही परिवार के मतदाता सदस्यों की वोटिंग एक ही स्थल पर कराने को कहा है।
विधानसभा क्षेत्र में कम से कम 25 मतदान केंद्र मॉडल बनाएं जाएंगे, जहां छाया, शुद्ध पेयजल, फर्स्ट एड कक्ष के साथ हल्के नाश्ते की व्यवस्था होगी।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी व एडीएम प्रशासन राजेश पांडेय ने बताया कि मतदाता सूचियों को पुनरीक्षित कराने के लिए 15 जून से बड़ा अभियान चलाएंगे।
पहले सहायक जिला निर्वाचन अधिकारियों का इसी सप्ताह प्रशिक्षण होगा। फिर विधानसभा क्षेत्र के नामित बीएलओ का तीन दिवसीय प्रशिक्षण होगा। 15 जून से सूचियों को पुनरीक्षित कर नए वोटरों का नाम इसमें जुड़वाने के लिए बूथवार जागरूकता अभियान चलेगा।
जिसमें सभी बीएलओ क्षेत्र के ऐसे वोटरों के नाम चिह्नित करेंगे जो एक ही परिवार के सदस्य होने के बाद भी मतदान के लिए अलग अलग बूथ पर जाते हैं।
विधानसभा क्षेत्र में न्यूनतम 25 ऐसे मतदान केंद्र चिह्नित होंगे जिन्हें अतिरिक्त सुविधाओं के माध्यम से मॉडल पोलिंग सेंटर के बतौर विकसित किया गया होगा। निशक्त वोटरों को पोलिंग बूथ तक पहुंचाने के लिए व्हील चेयर की व्यवस्था भी सुनिश्चित होगी।