लखनऊ। सविता पशुपतिनाथ की कविताओं के संग्रह ‘भावों की अनुगूंज’ का विमोचन शनिवार को हजरतगंज स्थित चरन प्लाजा में स्व. पशुपतिनाथ सिंह की 76वीं जयंती के अवसर पर किया गया। मुख्य अतिथि जस्टिस अमरनाथ वर्मा ने कहा कि इस पुस्तक की कविताओं और गजलों में विरह की वेदना है तो सामाजिक सरोकार और स्त्री विमर्श पर भी बेहतरीन तरीके से लिखा गया है। इस पुस्तक की प्रत्येक कविता एक कहानी की तरह है।
विशिष्ट अतिथि पद्मश्री विद्या विंदु सिंह ने कहा कि पुस्तक में शामिल कविताओं में असमानताओं से उपजा आक्रोश, अपने अस्तित्व को बचाती स्त्री की जिजीविषा के साथ वैराग्य और अध्यात्म के भी दर्शन होते हैं। मुख्य वक्ता हास्य कवि सर्वेश अस्थाना ने कहा कि स्व. पशुपतिनाथ सिंह के देहांत के बाद उनकी पत्नी सविता पशुपतिनाथ ने अपनी भावनाओं को कविताओं के माध्यम से समाज का स्वर देने का बेहतरीन प्रयास किया है।
इस अवसर पर शिक्षाविद जयंत कृष्णा ने लेखिका के परिचय के साथ स्व. पशुपतिनाथ सिंह के साथ बिताए दिनों को याद किया। इस अवसर पर पूर्व महापौर संयुक्ता भाटिया, डॉ. अशोक कुमार शर्मा व लायंस क्लब के सदस्य आदि मौजूद रहे।