लखनऊ में कोरोना मरीजों की संख्या भले ही बढ़ रही हो, लेकिन राहत की बात यह है कि सामुदायिक संक्रमण के अभी सुबूत नहीं मिल रहे हैं। सर्वे में झुग्गी-झोपड़ी और निजी अस्पतालों के कर्मचारी निगेटिव मिले हैं। वहीं, बुधवार को 100 ऑटो चालकों के सैंपल लिए गए।
स्वास्थ्य विभाग को इसकी रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार है, क्योंकि इनमें पॉजिटिव आने की संभावना ज्यादा मानी जा रही है। ऐसा हुआ तो इनके संपर्क में आने वालों को ढूंढना स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती होगी। शासन ने राजधानी सहित 20 जिलों में कोरोना का हाल जानने को विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है।
इस पर वृद्धाश्रम, नारी निकेतन, अनाथाश्रम, किशोर गृह, शहरी मलिन बस्तियों, अस्पतालकर्मियों, अस्पताल में पंजीकरण डेस्क के कर्मचारियों, सुरक्षा गार्ड, आयुष्मान मित्रों, फार्मासिस्टों, सेल्समैन आदि की जांच करने की योजना बनाई गई। राजधानी के बालगृह और अनाथाश्रम से 100, वृद्धाश्रम से 100 और मलिन बस्तियों से 105 सैंपल जांच को भेजे गए।
इनमें वृद्धाश्रम से एक सैंपल पॉजिटिव मिला। मलिन बस्तियों से लिए सैंपल निगेटिव आए। रविवार को प्राइवेट चिकित्साकर्मियों के लिए गए 100 सैंपल की रिपोर्ट भी निगेटिव आ गई। स्वास्थ्य विभाग चिकित्साकर्मियों की रिपोर्ट निगेटिव आने को बड़ी कामयाबी के रूप में देेख रहा है।