केजीएमयू में कैंसर को मात दे चुकी महिलाओं को सम्मानित भी किया गया।
लखनऊ। कैंसर के इलाज के दौरान मरीजों में पोषण संबंधी समस्याएं आम हैं, जिनमें विटामिन बी-12 की कमी प्रमुख चिंता है। यह जानकारी केजीएमयू के गायनी ऑन्कोलॉजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. निशा सिंह ने दी। वह एंडोमेट्रियल कैंसर जागरूकता माह के तहत कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं।
एसोसिएशन ऑफ गायनेकोलॉजिकल ऑन्कोलॉजिस्ट ऑफ इंडिया (एजीओआई) के यूपी स्टेट चैप्टर के सहयोग से हुई कार्यशाला का कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने इसका शुभारंभ किया। इस अवसर पर कैंसर को मात दे चुकी महिलाओं को सम्मानित भी किया गया। डाॅ. निशा सिंह ने बताया कि इलाज, खानपान में बदलाव और पोषक तत्वों के कम अवशोषण से विटामिन बी-12 की कमी हो सकती है। इससे थकान, कमजोरी, हाथ-पैरों में झनझनाहट और खून की कमी जैसी दिक्कतें होती हैं।
एंडोमेट्रियल कैंसर की पहचान और उपचार
डॉ. तारिणी सोनवानी ने गर्भाशय की अंदरूनी परत के कैंसर (एंडोमेट्रियल) की समय पर पहचान पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि आधुनिक जांच के आधार पर इलाज की दिशा तय करने से बेहतर नतीजे मिलते हैं। पैथोलॉजी विभाग की डॉ. माला सागर ने हिस्टोपैथोलॉजी और इम्यूनोहिस्टोकेमिकल (आईएचसी) मार्कर की भूमिका पर चर्चा की। इन रिपोर्टों के आधार पर ही इलाज की दिशा तय की जाती है। उन्होंने मॉलिक्यूलर वर्गीकरण और मरीज के जोखिम के अनुसार उपचार देने पर जोर दिया
केजीएमयू में कैंसर को मात दे चुकी महिलाओं को सम्मानित भी किया गया।