फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विश्व हिंदू परिषद का दावा, हमारे मॉडल पर सिर्फ दो साल में बन जाएगा राम मंदिर

Sat, 15 Feb 2020 08:19 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
विज्ञापन
- फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

अयोध्या में राम मंदिर पुराने प्रस्तावित नक्शे पर ही बनेगा। राम मंदिर निर्माण के लिए बीते 25 वर्षों से तराशे जा रहे पत्थरों की शिल्पकारी का उपयोग किया जाएगा साथ ही श्रीराम शिलाएं भी मंदिर में इस्तेमाल की जाएंगी या नहीं इन सभी सवालों के जवाब अभी भविष्य के गर्भ में हैं लेकिन विहिप का मानना है कि यदि उनके प्रस्तावित मॉडल पर राममंदिर बनता है तो दो साल में बनकर तैयार हो जाएगा।

विज्ञापन


नए मॉडल पर मंदिर बनने में सालों लग जाएंगे। प्रस्तावित मॉडल के मंदिर के लिए अब तक सवा लाख घनफुट पत्थरों को तराशा जा चुका है जिन्हें रामजन्मभूमि न्यास कार्यशाला में रखा गया है। अब इन पत्थरों को चमकाने का भी काम तेज कर दिया गया है। शीघ्र ही गुजरात से कारीगर बुलाकर इस काम में और तेजी लाई जाएगी।

राम मंदिर के लिए बीते 28 वर्षों से पत्थर तराशे जा रहे हैं। इन पत्थरों में अद्भुत कलाकारी की गई है। देशभर से पूजित होकर आईं श्रीराम शिलाएं यदि प्रयोग में लाई गईं तो मंदिर की शोभा बढ़ेगी।

विज्ञापन

इन सभी बिंदुओं पर 19 फरवरी को होगी चर्चा

सूत्रों के मुताबिक 19 फरवरी को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र की पहली बैठक में इन सभी बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी। भारत की प्राचीन मंदिर शिल्पकला की नागर शैली में देश को सोमनाथ, स्वामीनारायण, अक्षरधाम और अंबाजी जैसे प्रसिद्ध मंदिरों को आकार देने में पीढ़ियों से अपना योगदान कर चुके सोमपुरा परिवार के डिजाइन पर ही अयोध्या में रामलला का भव्य मंदिर प्रस्तावित है।

विहिप के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा कहते हैं कि प्रस्तावित मॉडल करोड़ों हिंदुओं के मन में बसा है। यदि इसी मॉडल पर मंदिर बनता है तो दो साल में मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा। नए मॉडल पर मंदिर बनने में लंबा समय लगेगा। प्रस्तावित मॉडल के गर्भगृह के लिए पत्थरों की तराशी का कार्य भी पूरा हो चुका है। सवा लाख घनफुट पत्थरों की तराशी हो चुकी है। हालांकि अब यह सब नवगठित ट्रस्ट को तय करना है लेकिन हमें उम्मीद है कि जनभावनाओं के अनुरूप प्रस्तावित मॉडल से ही राममंदिर बनेगा।
विज्ञापन

चंद्रकांत सोमपुरा ने तैयार किया था मॉडल

शिल्पी चंद्रकांत सोमपुरा ने 1987 में विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल के कहने पर राममंदिर मॉडल तैयार किया था। इसमें वेदों में वर्णित मंदिर वास्तु कला के मुताबिक रंगमंडप, भोग मंडप और गर्भगृह के ऊपर ऊंचे कलात्मक शिखर की योजना है।

डिजाइन के मुताबिक, गुजरात के बंसी पहाड़ियों के पत्थरों की मजबूती बेमिसाल और उम्र डेढ़ हजार साल से भी ज्यादा होती है। जिस हिसाब से नक्शा बनाया है, उसमें अनुपातिक तौर पर आकार बढ़ाया जा सकता है।

विहिप प्रवक्ता शरद शर्मा के मुताबिक देश के कुशल शिल्पियों ने बरसों बरस दिन रात मेहनत कर बंसी पहाड़पुर के लाल, बादामी और सफेद पत्थरों में ख्वाब तराशे हैं। मॉडल और डिजाइन बदलने से इन शिल्पियों की 30 साल की अथक मेहनत बेकार होगी। नए डिजाइन पर पत्थर तराशने में लंबा समय लगेगा। ये डिजाइन भारत की पीढ़ियों की आंखों ही नहीं, दिल दिमाग और ख्वाबों में बसा हुआ है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें