सीएम हेल्पलाइन तक कोरोना वायरस पहुंचने से हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम को पड़ताल में जानकारी मिली है कि लोहिया संस्थान के कर्मचारी की पत्नी के जरिये यहां तक वायरस पहुंचा है। सबसे बड़ी लापरवाही यह सामने आई है कि पति के पॉजिटिव निकलने के बाद भी महिला काम करने हेल्पलाइन आती रही। वहीं, विभाग के सैंपल लेने में देरी से भी वायरस अन्य कर्मचारियों तक फैलता रहा। अधिकारी मान रहे हैं कि संक्रमित महिला लगातार कार्यालय आ रही थी।
तीन जून को चिनहट के निजामपुर का युवक पॉजिटिव मिला था। वह लोहिया संस्थान में कपड़े धुलता है। पांच जून को निजामपुर के जिन 10 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई, उसमें उसकी पत्नी भी थी। अस्पताल में भर्ती कराने के दौरान महिला के संपर्क में आने वालों की सूची बनी तो पता चला कि वह सीएम हेल्पलाइन में काम करती है।
इसी आधार पर आठ जून को यहां के 45 कर्मचारियों के सैंपल लिए गए। इनमें से नौ की रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और अन्य कर्मियों के सैंपल लेने शुरू किए। मामले में स्वास्थ्य विभाग के सैंपल लेने में देरी से वायरस फैलता रहा।
इस संबंध में सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल का कहना है कि वायरस फैलने के कई कारण होते हैं। लोहिया संस्थान के कर्मचारी की पत्नी की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद जानकारी जुटाई गई कि वह कहां आती जाती थी। इसके बाद कर्मचारियों की जांच कराई गई है। स्वास्थ्य विभाग ने लापरवाही नहीं बरती।