सपा ने रविवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दो प्रत्याशी बदल दिए। मुजफ्फरनगर से पूर्व मंत्री वीरेन्द्र सिंह और संभल से बसपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क को प्रत्याशी बनाया गया है।
मुजफ्फरनगर सीट से सपा ने नगर विकास राज्य मंत्री चितरंजन स्वरूप के बेटे गौरव स्वरूप को प्रत्याशी बनाया था। दंगे के बाद से उनका टिकट बदले जाने की अटकलें थी।
दरअसल, सांप्रदायिक आधार पर वोटों के ध्रुवीकरण की संभावना को देखते हुए गौरव को कमजोर प्रत्याशी आंका जा रहा था।
उनकी जगह राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त कांधला के पूर्व विधायक वीरेन्द्र सिंह को उम्मीदवार बनाकर पार्टी ने गुर्जर कार्ड खेला है। दंगे के दौरान वीरेन्द्र अल्पसंख्यक वर्ग में काफी सक्रिय भी रहे।
पश्चिमी यूपी की किसी भी लोकसभा सीट से सपा ने गुर्जर बिरादरी का प्रत्याशी भी नहीं उतारा था। कई दिनों की अटकलों पर विराम लगाते हुए सपा ने संभल से भी प्रत्याशी बदल दिया है।
यहां से जावेद अली खान का टिकट काटकर बसपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क को उम्मीदवार बनाया गया है। पार्टी का एक खेमा जावेद की उम्मीदवारी से नाखुश था।
दूसरी ओर, नगर विकास मंत्री आजम खां भी शफीकुर्रहमान बर्क की पैरोकारी कर रहे थे। सपा महासचिव रामगोपाल यादव ने रविवार को उन्हें अधिकृत तौर पर प्रत्याशी घोषित कर दिया।
बर्क 2009 के लोकसभा चुनाव में बसपा प्रत्याशी के रूप में सांसद चुने गए थे लेकिन इस बार उनका टिकट काट दिया गया था। तभी से उनके सपा में जाने की चर्चा थी।