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चिनहट के लौलाई गांव में हिंसक वन्यजीव की दस्तक, मवेशी का किया शिकार

Thu, 12 Mar 2020 04:59 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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फुसलौना में तेंदुए के पगमार्क मिलने पर पिंजड़ा लगाते वनकर्मी - फोटो : अमर उजाला
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बीते एक माह से चिनहट, गोमतीनगर विस्तार के इलाकों में हिंसक वन्यजीव की मौजूदगी ने होली पर दहशत की दस्तक दी। मंगलवार रात चिनहट के लौलाई में ग्रामीणों को दिखे वन्यजीव को टीमें खोज ही रही थीं कि बुधवार को गोमतीनगर विस्तार के खरगापुर इलाके में हिंसक वन्यजीव ने एक बछड़े का शिकार कर डाला।
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ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में तेंदुए जैसे वन्यजीव की मौजूदगी है, जबकि वन विभाग का दावा है कि क्षेत्र में मौजूद हिंसक वन्यजीव लकड़बग्घा हो सकता है। दोनों ही जगह मिले पगमार्क लकड़बग्घे के ही बताये जा रहे हैं। एहतियात के तौर पर विभाग ने तीन टीमें तैनात कर जंगली इलाकों में बुधवार को पिंजड़ा लगाया है।

बता दें कि गत 10-11 फरवरी को पहली बार क्षेत्र में सीसीटीवी फुटेज में हिंसक वन्यजीव की मौजूदगी दिखी थी। इलाकाई लोगों ने बताया कि मंगलवार रात होली मिलने जा रहे लौलाई के विपिन यादव ने गांव के बाहर झबरीली पूंछदार जानवर देखा, शोर मचाते हुए गांव वालों और पुलिस को सूचना दी।
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ग्रामीणों का कहना था कि लोगों ने तेंदुए को देखा। सूचना पाकर पहुंची पुलिस व वन विभाग की टीम ने कांबिंग की, लेकिन उन्हें क्षेत्र में जो पगमार्क मिले वो तेंदुए के नहीं थे। सुबह खरगापुर इलाके में एक अज्ञात हिंसक वन्यजीव ने एक छोटे बछड़े का शिकार कर लिया था। टीम को यहां भी जो पगमार्क मिले वो तेंदुए के नहीं थे।
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कॉम्बिंग के दौरान जंगल में मिले तेंदुए के पगमार्क

लौलाई का पुरवा में तेंदुआ घुसने की सूचना के बाद वनकर्मियों संग पगमार्क खोजते लोग - फोटो : अमर उजाला
वनकर्मियों ने बताया कि पगमार्क के अलावा इतने छोटे शिकार को जिस प्रकार से छोड़कर जानवर भाग गया है, उससे लग रहा है कि ये काम किसी और छोटे जंगली जानवर का हो सकता है। इलाकाई राजेंद्र और रामचंदर ने बताया कि इलाके में हिंसक वन्यजीव की मौजूदगी से दहशत बढ़ी है। खेतों के अलावा रात को घर से बाहर निकलने में भी डर लग रहा है।

12 घंटे में ग्रामीणों को दिखने और शिकार की दो घटनाओं के बाद सुबह से दोपहर तक महकमे की टीमों ने गांवों के बाहर जंगल की ओर, पानी के स्रोतों तक जाने वाले रूट की कांबिंग की। टीमों को कुछ ताजा पगमार्क भी मिले, लेकिन ये तेंदुए के नहीं लग रहे थे। हालांकि आगे जाने पर जंगल के पास देवरिया गांव के फुसलौना मजरे में कांबिंग में तेेंदुए के कई पगमार्क दिखे। इससे वहां पिंजरा लगवाया है। टीम के साथ जू के चिकित्सक डा. ब्रजेंद्र मणि भी जुड़े रहे।

टीमें तैनात
लौलाईपुरवा व खरगापुर में मिले पगमार्क लकड़बग्घे के लग रहे हैं। हमें खरगापुर से करीब 5-7 किमी. दूर नहर के उस पार के जंगली क्षेत्र में तेंदुए के ताजा पगमार्क मिले हैं। वहां हमने पिंजरा लगवाया है, बाकी तीन टीमें इन तीनों इलाकों में तैनात की गई हैं। ऐसा लग रहा है इलाके में लकड़बग्घे की मूवमेंट है, जिसे लोग देखकर तेंदुआ समझ रहे हैं। लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। - डॉ. रवि कुमार सिंह, डीफओ

जुग्गौर नहर रेगुलेटर पर डाल्फिन दिखने की सूचना

चिनहट के पास जुग्गौर नहर रेगुलेटर में बुधवार सुबह डाफिन दिखने की सूचना रही। गुजरने वालों ने इसकी सूचना वन विभाग और पुलिस को दी। डीएफओ लखनऊ डॉ. रवि ने बताया कि कई दिनों से लोगों से इसकी सूचना मिल रही है। बुधवार को भी टीम भेजी गई, लेकिन कुुछ रिपोर्ट नहीं हुआ।
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