सिरका (एसिटिक एसिड) से गर्भाशय के मुख (सरविक्स) के कैंसर का शुरुआती दौर में पता लगाया जा सकता है।
एसिड लगाने के बाद अगर गर्भाशय के मुख के पास की कोशिकाएं सफेद हो जाती हैं तो ये कैंसर के शुरुआती लक्षण हैं। इस सामान्य सी जांच की जानकारी अब आशाओं को दी जा रही है।
जिससे वो 25 साल के ऊपर की हर महिला की स्क्रीनिंग कर सकें। ये जानकारी एक स्थानीय होटल में शनिवार को आयोजित 10वीं इंडियन सोसाइटी ऑफ कॉल्पोस्कोपी सर्वाइकल पैथोलॉजी (आईएससीसीपी)-2015 कॉन्फ्रेंस में डॉ. दीपनव्रता बनर्जी ने दी।
डॉ. दीपनव्रता ने बताया कि गर्भाशय के मुख का कैंसर महिलाओं में सबसे सामान्य है। इसका पता बीमारी शुरू होने पर ही लगाया जा सकता है वो भी घर में ही मौजूद सिरका (एसिटिक एसिड) से।
क्वीन मेरी हॉस्पिटल की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. अंजू अग्रवाल ने बताया कि ये ऐसा कैंसर है जो आसानी से बाहर से दिख सकता है। इसे पहचानना आसान है इसलिए इलाज भी संभव है।
इस कैंसर के बारे में जागरूकता न होने से महिलाएं अंतिम अवस्था में अस्पताल पहुंचती हैं। ऐसे में इलाज के बावजूद उनकी मौत होने की आशंका ज्यादा रहती है। अगर शुरुआती दौर में इसे पहचान लिया जाए तो कोल्ड रेडियोथेरेपी और सर्जरी से कैंसर का इलाज किया जा सकता है।