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यूपी: सरकार बनते ही मिलेगी गांवों को सड़कों की सौगात, 75 जिलों में 4233.37 किमी बनाई जाएंगी सड़कें

Mon, 21 Mar 2022 11:47 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

पीएमजीएसवाई-3 के प्रथम बैच में 8249.4 किमी के 1098 मार्गों और द्वितीय बैच में 4235.37 किमी 558 मार्गों की स्वीकृति मिली है। इस प्रकार अब तक 12,482 किमी लंबे 1656 मार्गों की स्वीकृति मिली है। अब तक पांच हजार किमी से अधिक लंबी सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है।
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विस्तार
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प्रदेश में सरकार गठन के साथ ही गांवों को नई सड़कों की सौगात मिलेगी। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत 75 जिलों में 4235.37 किलोमीटर लंबे 558 मार्गों का निर्माण कराया जाएगा।
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केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने पीएमजीएसवाई-3 के तहत दूसरे चरण में 4233.37 किमी लंबी सड़कों की स्वीकृति दी थी। यूपी ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण की ओर से सड़कों के टेंडर भी आमंत्रित कर लिए गए, लेकिन विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से कुछ जगह टेंडर नहीं हुए तो कुछ जिलों में निर्माण शुरू नहीं हुआ। 

अब दोबारा भाजपा सरकार बनने के साथ ही अभिकरण ने सड़कों के शिलान्यास की तैयारी शुरू कर दी है। इन सड़कों के निर्माण से करीब दस हजार से अधिक ग्राम पंचायतों के लोग लाभान्वित होंगे। बरसात से पहले निर्माण पूरा कराने की योजना है।
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इस साल बनेगी 19 हजार किमी सड़कें
पीएमजीएसवाई-3 के प्रथम बैच में 8249.4 किमी के 1098 मार्गों और द्वितीय बैच में 4235.37 किमी 558 मार्गों की स्वीकृति मिली है। इस प्रकार अब तक 12,482 किमी लंबे 1656 मार्गों की स्वीकृति मिली है। अब तक पांच हजार किमी से अधिक लंबी सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है। विभाग के अधिकारी ने बताया कि  पीएमजीएसवाई-3 में 19 हजार किमी सड़कों का निर्माण कराया जाना है। इस साल के अंत तक सड़क निर्माण का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।
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प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों का होगा कायाकल्प

प्रदेश में अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत औद्योगिक क्षेत्रों का कायाकल्प किया जाएगा। इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना तैयार कराई जा रही है। औद्योगिक क्षेत्रों में चकाचक सड़क, जल निकासी की व्यवस्था समेत कॉमन फैसिलिटी सेंटर बनाने की मांग की जा रही है।

कई जिलों में क्लस्टर डवलपमेंट के लिए भी उद्यमी प्रयासरत हैं। शासन ने संबंधित विभागों से कहा है कि वे अपने-अपने अधीन औद्योगिक क्षेत्रों में सभी तरह की आवश्यक ढांचागत सुविधाएं मुहैया कराने के लिए कार्ययोजना तैयार करें। इसके पीछे उत्पादन के साथ-साथ रोजगार के अवसरों में वृद्धि करना है। 
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