ग्रामीण क्षेत्रों के दो किलोवाट तक के बिना मीटर वाले घरेलू व कॉमर्शियल बिजली उपभोक्ताओं पर फिलहाल बढ़ी हुई बिजली दरें लागू नहीं होंगी।
तीन महीने तक पुरानी दर से बिलिंग की जाएगी। उसके बाद विद्युत नियामक आयोग आगे के बारे में फैसला करेगा। यह पहला मौका है जब आयोग ने टैरिफ ऑर्डर जारी होने के बाद किसी श्रेणी की बिजली दर पर रोक लगाई है।
इस फैसले से ग्रामीण इलाकों के लगभग 50 लाख अनमीटर्ड उपभोक्ताओं को राहत मिली है। वहीं पुरानी दरों पर बिलिंग से कॉर्पोरेशन को लगभग 700 करोड़ रुपये के राजस्व की हानि होने का अनुमान है।
आयोग ने बगैर मीटर वाले ग्रामीण इलाकों के घरेलू व कॉमर्शियल उपभोक्ताओं की नई दरों पर रोक लगाने का यह फैसला राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद की ओर से दाखिल पुनर्विचार याचिका पर किया।
आयोग के सचिव अरुण कुमार श्रीवास्तव ने मंगलवार को पावर कॉर्पोरेशन व उसके नियंत्रण वाली विद्युत वितरण कंपनियों व एनपीसीएस को संशोधित आदेश भेजकर पुरानी दरों पर ही बिलिंग करने को कहा है।