प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वालों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अब नई जनगणना 2011 के आधार पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) खोले जाएंगे।
इनका निर्माण जिला योजना समिति की संस्तुति के आधार पर किया जाएगा। प्रत्येक 30 हजार की जनसंख्या पर एक पीएचसी व एक लाख की जनसंख्या पर एक सीएचसी होगा।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना निर्माण के लिए नीति को मंजूरी दे दी गई है।
इसके आधार पर 1674 पीएचसी व 719 सीएचसी का निर्माण किया जाएगा। मौजूदा समय प्रदेश में 3693 पीएचसी व 773 सीएचसी है।
प्रदेश में नई जनगणना के आधार पर अच्छी-खासी आबादी बढ़ गई है। इसलिए ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को इलाज के लिए जरूरत के आधार पर पीएचसी और सीएचसी की व्यवस्था की जानी है।
नीति के मुताबिक वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर जिला योजना समिति के अनुमोदन के बाद 30 हजार की जनसंख्या पर एक पीएचसी की स्थापना होगी। एक पीएचसी से दूसरे की दूरी कम से कम 5 किमी होगी।
एक लाख की जनसंख्या पर एक सीएचसी होगी। प्रदेश में 12वीं व 13वीं पंचवर्षीय योजना में 1674 नए पीएचसी व 719 नए सीएचसी की स्थापना चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।
पीएचसी के लिए मुफ्त जमीन मिलने पर 1.36 करोड़ की लागत से भवन का निर्माण किया जाएगा। कुल 1674 पीएचसी के निर्माण पर 2282.71 करोड़ खर्च आएगा।
मुफ्त जमीन मिलने पर एक सीएचसी के निर्माण पर 5.61 करोड़ खर्च होगा। सभी 719 के निर्माण पर 4034.45 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।