बहराइच में सिविल लाइन निवासी ग्राम पंचायत अधिकारी ने सोमवार की भोर कमरे में फांसी लगाकर जान दी दी। सुबह परिजनों को जानकारी हुई तो कोहराम मच गया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों के मुताबिक वह काफी दिनों से अवसाद ग्रस्त थे। उनका इलाज भी लखनऊ से चल रहा था।
देहात कोतवाली क्षेत्र के सिविल लाइन निवासी मनीष प्रताप सिंह पुत्र केपी सिंह ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर तैनात थे। बताया जाता है कि वह इस समय विकास भवन से संबद्ध चल रहे थे। सोमवार की भोर लगभग तीन बजे उन्होंने अपने कमरे के पंखे में रस्सी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
मनीष प्रताप के पिता व सेवानिवृत्त जज केपी सिंह ने बताया कि वह रात को साथ में खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चले गए थे। खाना खाने के दौरान वह पूरी तरह स्वस्थ व चिंतामुक्त दिख रहे थे, लेकिन सुबह उनको फांसी के फंदे से लटका देखा। उन्होंने बताया कि मनीष प्रताप सिंह काफी दिनों से अवसाद ग्रस्त थे। देहात कोतवाल बृजेश पांडेय कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मनीष प्रताप की मौत से पत्नी, बच्चों व परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।