पांच बैंकों से करीब तीन हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेकर फर्जीवाड़ा करने के आरोपी रोटोमैक पेन कंपनी के मालिक विक्रम कोठारी को उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने आठ सप्ताह की सशर्त अल्प अवधि जमानत दे दी है। उसे यह जमानत इलाज कराने के लिए मिली है।
अदालत ने कोठारी को जमानत पर छूटने से पहले कोर्ट में अपना पासपोर्ट जमा करने और जमानत अवधि में अपनी गतिविधियों की जानकारी देते रहने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति अताउर्रहमान मसूदी ने पक्षकारों को सुनने के बाद कहा कि आरोपी गिरफ्तार होने के बाद से न्यायिक हिरासत में है, जिस दौरान उसका स्वास्थ्य लगातार खराब होता चला गया।
चिकित्सा विशेषज्ञों की रिपोर्ट से जाहिर होता है कि वह गंभीर रूप से बीमार है और उसकी सर्जरी होनी है। सीबीआई ने फरवरी 2018 में विक्रम कोठारी और उसके बेटे राहुल को गिरफ्तार किया था। अदालत ने इस मामले में उसके बेटे राहुल को पूर्व में जमानत दे दी थी, लेकिन विक्रम कोठारी की जमानत अर्जी ठुकरा दी थी। कोठारी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने भी मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज किया हुआ है।