विकास दुबे: बिकरू कांड का आरोपी विकास दुबे
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कानपुर के बिकरू कांड के आरोपी व एनकाउंटर में ढेर विकास दुबे के फरार भाई दीप प्रकाश दुबे उर्फ दीपक ने मंगलवार शाम पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में सरेंडर कर दिया। उसकी तलाश में जगह-जगह दबिश देने का दावा करने वाली पुलिस हाथ मलती रह गई। अब उसे रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है। उधर, कोर्ट ने दीपक को चार जनवरी तक न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।
दीपक के खिलाफ कृष्णानगर कोतवाली में कारोबारी विनीत पांडेय की नीलामी में खरीदी गई सरकारी नंबर की कार हड़पने व जानमाल की धमकी देने का केस दर्ज है। शातिर दीपक बिकरू कांड के बाद से भागा हुआ था। उस पर 20000 रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। बीते दिनों उसके कृष्णानगर की इंद्रलोक कॉलोनी स्थित आवास व संपत्ति की कुर्की भी कराई गई थी। दीपक ने आत्मसमर्पण करने के लिए कोर्ट में अर्जी लगा रखी थी। बीते सप्ताह वह कोर्ट पहुंचा लेकिन कोरोना जांच रिपोर्ट न होने के चलते वह हाजिर नहीं हो सका था। मंगलवार देर शाम वह अपने वकील के साथ एसीजेएम शरद कुमार चौधरी की कोर्ट पहुंचा और समर्पण कर दिया।
इसके पहले मंगलवार को विकास दुबे के कुछ और नजदीकी लोगों के असलहों के लाइसेंस मंगलवार को जिलाधिकारी की कोर्ट में सुनवाई के बाद निरस्त कर दिए गए। अंजलि दुबे, बाबू सिंह, अखिलेश कुमार उर्फ छोटे शुक्ला और रामचंद्र का लाइसेंस निरस्त हुआ है। इससे पहले भी विकास दुबे से जुड़े एक दर्जन से अधिक लोगों के लाइसेंस निरस्त किए जा चुके हैं।
अनंत देव पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के साक्ष्य एसआईटी को मिले
बिकरू कांड में शहीद हुए सीओ देवेंद्र कुमार मिश्र ने आईपीएस अनंत देव पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगाए थे। सीओ की कॉल रिकॉर्डिंग वायरल होने के बाद इसका खुलासा हुआ है। एसआईटी को जांच में भ्रष्टाचार के साक्ष्य भी मिले हैं। इन रिकॉर्डिंग को एसआईटी ने अपनी जांच में शामिल किया है। वारदात के बाद तीस से अधिक कॉल रिकॉर्डिंग अब तक वायरल हो चुकी हैं। इसमें शहीद सीओ की पूर्वी डीजीपी, जय बाजपेई समेत अन्य कई अफसरों की बातचीत की रिकॉर्डिंग है।
सीओ ने जिससे भी बात की, उससे अनंत देव के बारे में कुछ न कुछ जरूर कहा। उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। घर बनवाने से लेकर तमाम प्रापर्टी बनाने व सांठगांठ करने का भी जिक्र किया। इसी आधार पर एसआईटी की सिफारिश पर अनंत देव के कार्यकाल की जांच हो रही है। माना जा रहा है कि इस जांच के बाद विजिलेंस जांच शुरू होगी।