लखनऊ। फर्जी रजिस्ट्री मामले में एलडीए के सात कर्मचारियों के खिलाफ एलडीए वीसी ने सतर्कता जांच की सिफारिश की है। इनमें तीन सेवानिवृत्त हो चुके हैं। यह कार्रवाई एसटीएफ की कार्रवाई में पकड़े गए फर्जी रजिस्ट्री कराने वाले गैंग के बाद हुई है। पिछले पांच महीने में एलडीए वीसी ने बिल्डर से मिलीभगत कर फर्जी रजिस्ट्री सहित अलग-अलग मामलों में छह कर्मचारियों पर निलंबन की कार्रवाई की है और कई और पर कार्रवाई के लिए फाइलें मंगाई हैं।
एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि पांच महीने में जिन कर्मचारियों को उन्होंने निलंबित किया है, उनमें मेट नाजिम रजा, कनिष्ठ लिपिक आशुतोष मलिक व सुभीर भाल, अमीन अभिजीत सिंह, माली रामकुमार यादव और अवर अभियंता रवि प्रकाश यादव शामिल हैं।
वीसी ने बताया कि फर्जी रजिस्ट्री में शामिल कुछ और बाबुओं की भूमिका भी संदिग्ध है। इसको लेकर गोपनीय जांच कराई जा रही है। इनके खिलाफ भी जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
स्मारक समिति के आठ कर्मचारी बर्खास्त, 22 निलंबित
एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि स्मारक समिति के आठ कर्मचारी बर्खास्त किए गए हैं। 22 निलंबित भी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान स्मारक समिति के 30 कर्मचारी ऐसे मिले, जो बिना काम ही वेतन ले रहे थे और लंबे समय से बिना सूचना गायब थे। एक ऐसे भी कर्मचारी का पता चला जो नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती था और उसका वेतन जा रहा था। एक कर्मचारी ऐसा भी सामने आया जो झांसी में क्लीनिक चला रहा था। फर्जीवाड़ा रोकने के लिए अब चेहरे की पहचान करने वाला हाजिरी सिस्टम लगाया गया है।