विधानमंडल के दोनों सदनों में शुक्रवार को चार दर्जन से ज्यादा विभागों का 3.62 लाख करोड़ रुपये का बजट बिना चर्चा के पारित कर दिया गया। इसके साथ ही छह विधेयक और वर्ष 2020-21 का बजट (विनियोग विधेयक) पास करने के बाद विधानमंडल की कार्यवाही तय अवधि से पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
विरोध में बसपा सदस्यों ने विधानसभा से बहिर्गमन किया और सपा सदस्य मुंह पर मास्क लगाकर सदन में बैठे। सपा, बसपा व सुभासपा सदस्य विरोध जताने के लिए विधानसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बावजूद 1.05 घंटे तक सदन में बैठे रहे। वे पांच बजे सदन से गए। वे पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार 7 मार्च तक सदन चलाने की मांग कर रहे थे।
विधानसभा में पूरक एजेंडा रखने केसाथ ही संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने छह विधेयकों को बिना चर्चा पारित कराने की कार्यवाही शुरू कर दी। नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा कि विधेयक पास कराने की इतनी जल्दी क्या है? विधायक कानून बनाने के लिए चुनकर आते हैं। बिना बहस के विधेयक पास हो जाए तो हमें इस्तीफा दे देना चाहिए। हम विधेयकों को प्रवर समिति में भेजने का प्रस्ताव देंगे। पहले ऐसा कभी नहीं हुआ कि विधेयक पेश करते ही उसे पारित कर दिया जाए
संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि विपक्षी नेताओं को मालूम है कि सरकार सभी मदें एक साथ लाना चाहती है। रामगोविंद ने कहा कि विधेयक एक साथ लाने और पारित कराने की बात नहीं हुई थी। खन्ना ने सपा, बसपा की तरफ इशारा करते हुए कहा कि इन्होंने अच्छी परंपराएं डाली हैं।
खन्ना ने तीन दर्जन विभागों की 3.62 लाख करोड़ रुपये की अनुदान मांगों (बजट) को एक साथ रखते हुए अध्यक्ष से मतदान कराने का आग्रह किया। इसे पांच मिनट में पारित कर दिया गया। कुछ विभागों का विभागवार बजट बृहस्पतिवार को पारित किया गया था। विभागवार बजट पास होने के बाद ही विनियोग विधेयक पारित कराया जाता है।
रामगोविंद बोले, संसदीय कार्यमंत्री ने मुझसे कहा था कि गृह विभाग का बजट शुक्रवार को नहीं आएगा। मुझे इस पर कटौती प्रस्ताव रखना था। हम सदन चलाना चाहते हैं, विधानसभा अध्यक्ष और सत्तापक्ष के 99 फीसदी लोग यही चाहते हैं। फिर कौन है जो सदन नहीं चलाना चाहता है।
सरकार के पास विपक्ष के सवालों के जवाब नहीं हैं। उन्होंने अध्यक्ष से कहा, हम सरकार की आलोचना नहीं करेंगे, मुंह बांधे रहेंगे लेकिन सदन चलाइए। यह कहकर सपा सदस्यों ने मास्क लगा लिए।
बसपा के लालजी वर्मा ने कहा कि इस सत्र में विपक्ष ने जितना सहयोग दिया है, उतना वर्षों बाद हुआ है। विपक्ष को बजट पर कटौती प्रस्ताव रखने का अधिकार नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने पूछा, ऐसी कौन की परिस्थितियां या आपातकाल है जो सरकार चर्चा से भाग रही है।
संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि सपा, बसपा मर्यादा की बात न करे। 11-12 मार्च 1990 को सपा सदन में ऐसा कर चुकी है। बसपा ने 2009 में केवल 13 दिन कार्यवाही चलाई थी। सारे मदों का बजट एक दिन में पास कर लिया था। इसी बीच सुरेश खन्ना ने 5 लाख 44 हजार 571 करोड़ 19 लाख 89 हजार रुपये का बजट (विनियोग विधेयक) पेश किया और ध्वनिमत से पारित करा लिया।