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विधायक निधि डेढ़ करोड़ से बढ़कर दो करोड़ रुपये हुई, ई-टेंडरिंग की सीमा भी पांच लाख तक बढ़ी

Wed, 28 Mar 2018 02:37 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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विधानसभा को संबोधित करते सीएम योगी। - फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायकों को अपने क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिवर्ष दी जाने वाली डेढ़ करोड़ रुपये विधायक निधि को बढ़ाकर दो करोड़ रुपये कर दिया है। यह राशि जीएसटी से मुक्त रहेगी और इसकी प्रतिपूर्ति राज्य सरकार करेगी।
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सीएम ने विधायकों को अपने क्षेत्र में सौ-सौ हैंडपंप लगवाने का भी तोहफा दिया है। इसके अलावा पांच लाख रुपये तक और विशेष परिस्थिति में 10 लाख तक के कामों को ई-टेंडरिंग से मुक्त रखने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री मंगलवार को विधानसभा में विधानमंडल के बजट सत्र के अंतिम दिन बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि की अधिक जवाबदेही होती है। लोगों की अपेक्षाएं होती हैं, पर जन प्रतिनिधि के पास ज्यादा अधिकार नहीं होते। इसलिए वह विधायक निधि बढ़ा रहे  हैं।
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कार्यकर्ताओं को साधा
मालूम हो कि हर काम की ई-टेंडरिंग से भाजपा कार्यकर्ता खफा थे। पार्टी की बैठकों में इसको लेकर कई बार सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े हुए थे। माना जाता है कि मुख्यमंत्री कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने के लिए यह फैसला किया है। इससे पहले सरकार पिछले दिनों लोगों व कार्यकर्ताओं की नाराजगी देखते हुए मिट्टी की खोदाई को प्रतिबंध मुक्त करने का फैसला किया था।

विधानसभा में विपक्ष के नेता सुरेश श्रीवास्तव ने मांग रखी कि विधायकों को प्लॉट और आवास दिया जाए। इस पर सीएम योगी ने कहा कि हम लोगों को स्वयं की सुविधाओं के लिए मांग नहीं रखनी चाहिए क्योंकि उस पर टिप्पणी होती है।

सीएम ने कहा कि 2022 तक हर गरीब को छत मुहैया कराने का हमारा लक्ष्य है, पहले हमें उनकी सुविधाओं पर ध्यान देना है। योगी ने कहा कि सभी विधायकों के पास तो आवास है फिर ऐसी मांग करना सही नहीं।
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नेता प्रतिपक्ष ने तो विकास से वैराग्य ले रखा है

यूपी विधानसभा - फोटो : amar ujala
सीएम ने आगे ये कहा कि हां हम विधायक निधि बढ़ाने पर जरूर विचार कर रहे हैं। इसे डेढ़ करोड़ से बढ़ाकर दो करोड़ किया जाएगा। बसपा के नेताओं ने इस राशि को और बढ़ाने की मांग की। वहीं, नेता प्रतिपक्ष ने जब कुछ भी नहीं कहा तो सीएम ने रामगोविंद चौधरी पर तंज कसा कि नेता प्रतिपक्ष ने तो विकास से वैराग्य ले रखा है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विधायक निधि में संशोधन की जरूरत है। एक ही नाम पर 10 जगह से पैसा आता है। इसलिए अब इसमें कुछ बदलाव किए जाने चाहिए ताकि पैसे का सही उपयोग हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कहीं भी कोई शिलान्यास हो या फिर लोकार्पण हो, उस पट पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि (विधायक) का नाम अवश्य होना चाहिए।

उन्होंने आह्वान किया कि जिले में जब भी किसी भी कार्यक्रम का उद्घाटन करने सत्ता पक्ष का कोई भी मंत्री या सासंद पहुंचे तो भी उस क्षेत्र के विधायक वहां कार्यक्रम में जरूर आएं। जिला प्रशासन द्वारा कराए जाने वाले कार्यक्रमों में भी लोकार्पण और शिलान्यास विधायक ही करें। जनता के प्रति जवाबदेह हैं जनप्रतिनिधि। 
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