कानपुर के अशोक नगर निवासी संजय भाटिया को जैसे फोन के द्वारा उनको तीन बीएचके फ्लैट जीतने की सूचना दी गई तो उनकी खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा। उन्होंने यह खुशखबरी घर के सभी सदस्यों को दी। घर में पिता एयरफोर्स से सेवानिवृत्त किशन गोपाल भाटिया, माता प्रेम भाटिया और एक बेटा व बेटी रहते हैं। सभी पुरस्कार पाने की खबर सुनकर काफी खुश हुए।
उन्होंने पड़ोसियों के बीच मिठाई बांट कर अपनी खुशी का इजहार किया। रावतपुर में किराने की दुकान चलाने वाले संजय ने बताया कि उनका भी सपना था कि एनसीआर में भी उनका अपना एक आशियाना हो। उनकी तमन्ना ‘अमर उजाला’ ने पूरी कर दी। इसके लिए उन्होंने पूरे परिवार सहित ‘अमर उजाला’ का आभार जताया।
उन्होंने कहा कि इसकी खबरें तथ्यपूर्ण और विश्वसनीय होती हैं। जबसे ‘अमर उजाला’ शहर में आ रहा है तभी से उनके घर के सभी सदस्य यही अखबार पढ़ते हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि उनको पुरस्कार जरूर मिलेगा, लेकिन फ्लैट की सूचना पाकर वे और उनका पूरा परिवार फूला नहीं समा रहा।
डायमंड रिंग जीतने वाले लखनऊ के नागेंद्र अपने परिवार के साथ।
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राजधानी के कैंपवेल रोड निवासी नागेंद्र प्रसाद यादव को भी जब फोन से डायमंड ईयर रिंग जीतने की सूचना दी गई तो वे काफी खुश हुए। वे भूगर्भ जल विभाग में क्षेत्रीय सहायक हैं। कार्यालय का काम खत्म करने के बाद घर पर जाकर परिवार के सभी सदस्यों को इसकी जानकारी दी तो वे खुशी से उछल पड़े। परिवार में उनकी पत्नी और दो बेटे हैं।
उन्होंने बताया कि वे ‘अमर उजाला’ के इस पुरस्कार को अपनी पत्नी को तोहफा देंगे। उन्होंने बताया कि वे काफी वर्षों से अमर उजाला के निरंतर पाठक हैं। उन्होंने बताया कि ‘अमर उजाला’ की खबरें डायमंड की तरह खरी हैं। उन्होंने ‘अमर उजाला’ का आभार जताया।
नोट--इनके अलावा भी पुरस्कार घोषित किए गए हैं जिनकी सूची क्रमश: प्रकाशित की जाएगी।