बृहस्पतिवार को यूपी की विधानसभा में भाजपाइयों द्वारा जमकर हंगामा काटने पर संसदीय कार्यमंत्री आजम खां बुरी तरह बिफर गए। उन्होंने भाजपाइयों पर आरोप लगाना शुरू कर दिया।
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आजम ने भाजपा सदस्यों की ओर इशारा करते हुए कहा कि इन्होंने टूजी पर देश को भ्रमित किया। वहीं भाजपा पर कुंभ मेले का मुद्दा उठाने पर कहा, अब ये साधु, संतों की बद्दुआ भी लेने वाले हैं। ये देश के श्रद्धालुओं के साथ अन्याय कर रहे हैं। सत्ता के लिए ये अधर्मी हो गए हैं।
आजम की टिप्पणी के बाद वेल में ही भाजपा सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने 12.50 बजे सदन की कार्यवाही दस मिनट के लिए स्थगित कर दी। फिर 15-15 मिनट के लिए दो बार कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
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ये था हंगामे का कारण
गौरतलब है कि बसपा शासन में बने पार्कों, स्मारकों और सपा राज में हुए कुंभ मेले को लेकर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट पर चर्चा कराने की मांग को लेकर भाजपा और कांग्रेस सदस्यों ने विधानसभा में जमकर हंगामा किया।
दोनों दलों के सदस्यों ने अलग-अलग वेल में आकर नारेबाजी की। लगातार हंगामा होते देख विधानसभा अध्यक्ष ने लगभग दो बजे सदन की कार्यवाही शुक्रवार पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
इस दौरान शोरशराबे बीच पांच विभागों के बजट बिना चर्चा के पारित कर दिए गए।
शून्य काल में भाजपा के सतीश महाना ने कुंभ मेले और स्मारकों एवं पार्कों के निर्माण में गड़बड़ियों का मामला उठाते हुए उनकी सीएजी रिपोर्ट पर सदन में चर्चा कराने की मांग की।
घोटालों में सपा, बसपा की मिलीभगत
अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि सीएजी रिपोर्ट को सदन के पटल पर रखने के बाद लोक लेखा समिति (पीएसी) को भेजा जाता है।
पीएसी की रिपोर्ट आने के बाद ही सदन में चर्चा होती है। चूंकि अभी सीएजी का प्रतिवेदन पीएसी को भी नहीं भेजा गया, इसीलिए सदन में इस पर चर्चा का कोई औचित्य नहीं है। इस पर भाजपा के कई सदस्य वेल में आ गए।
डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि सदन के पटल पर रखे जाने के बाद सीएजी रिपोर्ट सार्वजनिक हो गई है। जनता को पता होना चाहिए कि कहां, क्या-क्या गड़बड़ियां हुई। नेता विपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि अध्यक्ष ने जो व्यवस्था दी है, उसे सभी को मानना चाहिए।
सीएजी रिपोर्ट पहले पीएसी को जाएगी। भाजपा सदस्यों ने पार्कों और कुंभ मेले में गड़बड़ियों पर सपा-बसपा में मिलीभगत का आरोप लगाया।
कुंभ की रिपोर्ट पर अड़े कांग्रेसी
1.35 बजे जैसे ही फिर से सदन की कार्यवाही शुरू हुई कांग्रेस के अनुग्रह नारायण सिंह ने कुंभ मेले की सीएजी रिपोर्ट पर चर्चा कराने की मांग की।
उन्होंने इस रिपोर्ट को विधानमंडल की संयुक्त समिति को सौंपने की मांग की। अध्यक्ष ने कहा कि वह इस पर पहले ही जानकारी दे चुके हैं कि रिपोर्ट पहले पीएसी को जाएगी।
इसके बाद अपनी मांग से संबंधित प्लेकार्ड्स दिखाते हुए कांग्रेसी वेल में आ गए। उन्होंने संयुक्त विधानमंडल समिति बनाने की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी।
इस बीच महाना ने टिप्पणी की कि कुंभ के दौरान रेल दुर्घटना भी हुई थी। कांग्रेस नेताओं के हंगामे के बाद अध्यक्ष ने कार्यवाही पांच मिनट के लिए फिर स्थगित कर दी।
बिना चर्चा के पांच विभागों के बजट पास
विधानसभा की कार्यवाही फिर प्रारंभ हुई तो कांग्रेस के सदस्य वेल में ही डटे थे। अध्यक्ष के बार-बार कहने के बावजूद वे अपनी सीटों पर नहीं गए।
इस बीच अध्यक्ष ने गोरखपुर के रामगढ़ ताल मुद्दे पर भाजपा के राधा गोविंद दास अग्रवाल के नोटिस पर सरकार का ध्यानाकर्षण किया।
इसके बाद उन्होंने सरकार को बजट पेश करने के निर्देश दिए। कांग्रेस सदस्यों के हंगामे के बीच खाद्य एवं रसद, उद्योग (लघु उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन), महिला एवं बाल कल्याण, संस्कृति और परिवहन विभाग के बजट पेश किए गए।
सभी बजट चंद मिनटों में बिना चर्चा के ध्वनिमत से पारित कर दिए गए।
उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (द्वितीय संशोधन) विधेयक बृहस्पतिवार को फिर सदन में रखा गया।
विधानसभा में इसे पहले पारित कर दिया गया था लेकिन विधान परिषद ने प्रवर समिति को भेज दिया था। इसके तहत 2006 से पहले के मानदेय शिक्षकों को नियमित करने की व्यवस्था है।
विपक्षी दल 2011 तक के मानदेय शिक्षकों को नियमित करने की मांग कर रहे हैं। भाजपा के राधामोहन दास अग्रवाल ने प्रश्नकाल में भी यह मुद्दा उठाया।