शीतकालीन सत्र के पहले दिन विधानमंडल के दोनों सदनों में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी, विधायक, विधायक पटेल राम कुमार वर्मा और केंद्रीय मंत्री रहे अनन्त कुमार को शोक प्रस्ताव पारित कर श्रद्धांजलि अर्पित की कई। विधानसभा और विधान परिषद में शोक सभा आयोजित के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सपा, बसपा और कांग्रेस विधायक दल के नेताओं ने एनडी तिवारी और पटेल रामकुमार वर्मा के निधन को प्रदेश के लिए अपूर्णीय क्षति बताया है। शोक प्रस्ताव पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि एनडी तिवारी बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे।
उन्होंने कहा कि विधायक पटेल राम कुमार वर्मा के निधन पर भी शोक जताया। ऐसे ही योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एनडी तिवारी को यूपी और उत्तराखंड में अनेक कल्याणकारी एवं विकास योजनाओं का क्रियान्वयन करने के कारण इतिहास में उन्हें विकास पुरुष के रूप में याद किया जाएगा। वहीं पटेल रामकुमार वर्मा एक समर्पित जनप्रतिनिधि थे।
सपा विधायक नरेंद्र सिंह वर्मा, बसपा विधायक दल के नेता लालजी वर्मा, कांग्रेस विधायक दल के नेता अजय कुमार लल्लू, और अपना दल के नीलरतन सिंह पटेल नीलू, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता व मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी एनडी तिवारी और पटेल रामकुमार वर्मा के निधन पर शोक व्यक्त किया।
उधर, विधान परिषद में सभापति रमेश यादव ने केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार के बारे में शोक संदेश पढ़ा। दो मिनट का मौन रखकर उन्हें सदन में श्रद्धांजलि दी गई। वहीं एनडी तिवारी के योगदान पर चर्चा करते हुए नेता सदन डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि वे वास्तव में विकास पुरुष थे।
नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन ने कहा कि तिवारी में छात्र जीवन से ही समाजसेवा की भावना उनमें कूट-कूटकर भर गई थी। विधान परिषद में बसपा के नेता दिनेश चंद्रा, कांग्रेस के दीपक सिंह, निर्दल समूह के राजबहादुर सिंह चंदेल, अपना दल के आशीष पटेल और सपा के शतरुद्र प्रकाश ने भी उनके योगदान को रखा।