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महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर विधानमंडल की कार्यवाही का बनेगा रिकॉर्ड

Wed, 02 Oct 2019 11:10 AM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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यूपी विधान सभा
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महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर प्रदेश विधानमंडल की लगातार 36 घंटे कार्यवाही का रिकॉर्ड बनेगा। दोनों सदनों में बुधवार सुबह 11 बजे से बृहस्पतिवार रात 11 बजे तक महात्मा गांधी के जीवन-दर्शन के साथ ही सतत विकास लक्ष्य 2020-30 के सभी 16 बिंदुओं पर लंबी चर्चा होगी।
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विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित ने मंगलवार को लोकभवन में प्रेसवार्ता में बताया कि 2015 में संयुक्त राष्ट्र ने सतत विकास के 17 लक्ष्य निर्धारित किए हैं। भारत ने भी उन पर दस्तखत किए हैं। केंद्र सरकार सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया था। इसी के तहत विधानमंडल का विशेष सत्र बुलाया गया है। 2 अक्तूबर को सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री योगी के भाषण से सत्र की शुरुआत होगी। इसके बाद सभी दलों के नेता विचार रखेंगे। प्रत्येक लक्ष्य पर संबंधित नोडल विभाग के मंत्री विचार रखेंगे। सभी विधायकों को भी दो-दो विषयों पर अपनी बात रखने का समय दिया जाएगा।
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मतभेद हो, मनभेद नहीं
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, सतत विकास के 17 लक्ष्यों में एक लक्ष्य ‘समुद्र पर जीवन’ भी है। यूपी में समुद्र नहीं है, इसलिए इसे चर्चा में शामिल नहीं किया है। हमारी इच्छा है कि एक विषय यह भी हो कि सदस्यों के बीच मतभेद हो, मनभेद न हो। वाद-विवाद के बीच संवाद कायम रहे, लक्ष्य पाने के लिए निजी असहमति को दूर कर राष्ट्र व प्रदेश हित की सोच से काम हो।

विदेशों तक में चर्चा

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि गांधी जयंती पर उत्तर प्रदेश विधानमंडल के लगातार 36 घंटे के सत्र की चर्चा विदेशों तक है। गत दिनों वे युगांडा की यात्रा पर गए थे। वहां भी लोगों ने उनसे इस संबंध में जानकारी ली।

बहिष्कार किया तो अपनी शपथ तोड़ेगा विपक्ष
दीक्षित ने बताया कि विशेष सत्र का निर्णय विपक्ष की सहमति से हुआ है। विपक्ष का सत्तापक्ष से वैचारिक मतभेद हो सकता है, लेकिन महात्मा गांधी के जीवन-दर्शन और आदर्शों से किसी की असहमति नहीं हो सकती। इसी प्रकार सतत विकास लक्ष्य से भी किसी को असहमति नहीं हो सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सपा, बसपा, कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों के सदस्य सदन में उपस्थित रहेंगे। यदि विपक्ष ने सदन का बहिष्कार किया तो वह अपनी शपथ तोड़ेगा।

संयुक्त अधिवेशन का प्रावधान नहीं
दीक्षित ने बताया कि संविधान में विधानमंडल के दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन का कोई प्रावधान नहीं है। नई विधानसभा के गठन और प्रतिवर्ष विधानसभा के पहले सत्र में जब राज्यपाल का अभिभाषण होता है तब संयुक्त अधिवेशन होता है। इसलिए गांधी जयंती पर दोनों सदनों की कार्यवाही अलग-अलग होगी।
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          सतत विकास के बिंदु                       नोडल विभाग
  • गरीबी उन्मूलन                                  ग्राम्य विकास
  • भुखमरी समाप्त करना                             कृषि
  • सभी के लिए स्वस्थ जीवन                  चिकित्सा एवं स्वास्थ्य
  • गुणवत्तापूर्ण शिक्षा                               माध्यमिक शिक्षा
  • लैंगिक समानता                                  महिला कल्याण
  • सुरक्षित जल एवं स्वच्छता प्रबंधन               जलशक्ति
  • किफायती, सतत और आधुनिक ऊर्जा         ऊर्जा
  • उचित कार्य एवं आर्थिक विकास                 एमएसएमई
  • उद्यमिता, अभिनवीकरण और अवस्थापना    औद्योगिक विकास
  • असमानता एवं सुरक्षित शहर                    समाज कल्याण
  • समावेशी एवं सुरक्षित शहर                      नगर विकास
  • उपभोग एवं उत्पादन                                पर्यावरण
  • जलवायु परिवर्तन                                     पर्यावरण
  • भूमि पर जीवन                                           वन
  • शांतिपूर्ण एवं समावेशी संस्था निर्माण               गृह
  • लक्ष्यों में भागीदारी                                     वित्त   
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