विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने सदन में भाजपा सदस्यों के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताते हुए उनके व्यवहार को शर्मसार करने वाला बताया और कहा कि वे विधानसभा को हाईजैक करना चाहते हैं।
यह अच्छी बात नहीं है। विधानसभा आपके हाथ में गिरवी नहीं रहेगी। भाजपा सदस्यों के हंगामे को लेकर विधानसभा अध्यक्ष ने काफी तल्ख टिप्पणियां कीं।
उन्होंने कहा कि पहले गेट बंद करके उन्हें सदन में आने से रोका गया। यह अलोकतांत्रिक और तानाशाही रवैया है। भाजपा ने अपने आचरण से सारी मर्यादाओं को तोड़ा है।
अध्यक्ष की भी नहीं सुनी भाजपाईयों ने
उन्होंने भाजपा सदस्यों से कहा कि कई सूबों में उनकी पार्टी की भी सरकार है। क्या कहीं नियम 311 माना जाता है।
उन्होंने भाजपा सदस्यों को यह भी याद दिलाया कि दिल्ली में भी उनकी पार्टी की सरकार है, इसलिए उन्हें मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।
भाजपा सदस्य किसी सूरत में मानने को तैयार नहीं हुए तो अध्यक्ष को चेतावनी भरे अंदाज में यहां तक कहना पड़ा- ‘आप लोग सीमा तोड़ रहे हैं और धीरे-धीरे तानाशाही की ओर बढ़ना चाहते हैं।’
मौर्य ने सपा, भाजपा पर साधा निशाना
वहीं नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने भाजपा और सपा के बीच मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों मिलकर कानून-व्यवस्था बिगाड़ रहे हैं।
यही वजह है कि सरकार को बचाने के लिए भाजपा सदन नहीं चलने दे रही है।
उल्लेखनीय है कि सदन में कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर दिए गए नोटिस पर बोलने के लिए नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य का नाम पुकारा गया।
पर जैसे ही मौर्य ने बोलना शुरू किया वैसे ही वेल में खड़े भाजपा सदस्य उनके नजदीक आ गए। इस पर बसपा सदस्यों ने आगे जाकर मौर्य के पास से भाजपा सदस्यों को हटाया। सदन अव्यवस्थित होने की वजह से मौर्य बोल नहीं पाए।