विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने सपा सरकार को आजम खां के चंगुल से बाहर आने की सलाह दी है।
यह सलाह विहिप के महामंत्री चंपत राय ने रविवार को पत्रकारों के माध्यम से मुलायम सिंह यादव और अखिलेश सरकार को दी।
उन्होंने कहा, सरकार आजम खां के ही दबाव में उल्टे-सीधे फैसले कर रही है।
अगर सरकार आजम खां से खुद को मुक्त कर लेती है तभी सपा को राजनैतिक लाभ मिलेगा। अगर ऐसा नहीं किया तो सपा को आने वाले लोकसभा चुनाव में बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा।
विहिप महामंत्री ने कहा कि अयोध्या का विवाद अब पूरी तरह साफ हो गया है। वहां राम मंदिर के प्रत्यक्ष प्रमाण मिले हैं। अब मुलायम सिंह को मुसलमानों को समझाना चाहिए वे बाबरी मस्जिद का केस स्वेच्छा से वापस ले लें।
अयोध्या के मसले पर खुद केंद्र सरकार ने भी एक शपथ पत्र दे रखा है कि यदि मंदिर तोड़े जाने के प्रमाण मिलते हैं तो केंद्र सरकार हिन्दुओं की भावनाओं के अनुरूप काम करेगी। ऐसे में केंद्र को वहां भव्य राम मंदिर बनवाना चाहिए।
कभी गलती नहीं करता आईएएस
एक प्रश्न के जवाब में विहिप महामंत्री ने कहा कि राम मंदिर मसले को हल करने की सबसे ईमानदार पहल पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर ने की थी। उनके समय ही काफी चीजें हल हो गईं थीं। प्रदेश के गृह विभाग के विवादित पत्र के मसले पर उन्होंने कहा कि आईएएस अधिकारी कभी गलती नहीं करता है।
इस मामले में आईएएस अधिकारियों को निलंबित कर सरकार ने अपना दामन पाक-साफ दिखाने की कोशिश की है। केंद्र में ऐसी सरकार बननी चाहिए जो हिन्दू समाज का सम्मान करे।
18 अक्तूबर को विहिप की संकल्प रैली के मसले पर उन्होंने कहा, सरकार के प्रतिबंध के बावजूद विहिप का यह कार्यक्रम सफल रहा। करीब पांच हजार राम भक्त अयोध्या पहुंचे थे। कार्यकर्ताओं ने 20 जगह सभाएं कीं।
अयोध्या में कल्चरल सेंटर या फिर बाबर की स्मृति में किसी भी प्रकार का कोई संग्रहालय विहिप नहीं बनने देगी। इसी को लेकर यह संकल्प दिवस आयोजित किया गया था।
यूपी के बनते-गिड़ते राजनीतिक समीकरण, देखिए यहां