फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

KGMU: ‘वेंटिलेटर’ ने ले ली मरीज की जान

Thu, 26 Feb 2015 12:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
केजीएमयू पहुंचे फेफड़े की बीमारी से ग्रसित एक मरीज को वेंटिलेटर न मिलने से मौत हो गई। केजीएमयू में सभी वेटिंलेटर फुल होने से एम्बुबैग से जिंदगी बचाने की कोशिश की गई लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
विज्ञापन


परिवारीजनों ने मामले की शिकायत करने की बात कही है। लखीमपुर, धरहौरा के राजेंद्र गुप्ता (45) को सांस लेने में दिक्कत के बाद सोमवार रात दस बजे बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया।

भतीजे अमित गुप्ता ने बताया कि मंगलवार को डॉक्टर ने फेफड़े की समस्या बता ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। ट्रॉमा सेंटर में इलाज चला और बुधवार सुबह डॉक्टरों ने पल्मोनरी वार्ड रेफर कर दिया।
विज्ञापन


वहां डॉक्टरों ने वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत बताई। पता चला कि वेंटिलेटर सभी फुल हैं। इसके बाद डॉक्टरों ने एम्बुबैग लगा दिया।
विज्ञापन

पहले भी जा चुकी है कई लोगों की जान

एम्बुबैग लगाने के बाद सुबह साढ़े नौ बजे मौत हो गई। परिवारीजनों का कहना था कि समय पर वेंटिलेटर मिल गया होता तो मरीज की जान न जाती।

केजीएमयू में वेंटिलेटर की समस्या बहुत पुरानी है और गांधी वार्ड समेत कई दूसरे वार्ड में दस से अधिक मरीजों की सांस वेंटिलेटर के भरोसे चल रही है।

वहीं केजीएमयू में सात से आठ वेंटिलेटर खराब चल रहे हैं। ट्रॉमा सेंटर में गंभीर रोगियों की भीड़ अधिक होने से वेंटिलेटर मिलना मुश्किल होता है।

मालूम हो कि कुछ समय पहले सड़क हादसे में घायल संदीप नाम के युवक को ऑपरेशन के 26 घंटे बाद वेंटिलेटर नहीं मिला था और उसकी मौत हो गई थी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें