किसान पथ पर सेतु निगम और पीडब्ल्यूडी का काम पूरा
- फोटो : amar ujala
अयोध्या हाईवे से सुल्तानपुर हाईवे को जोड़ने के लिए किसान पथ का तोहफा दिवाली पर शहर को मिल जाएगा। करीब 11 किमी लंबे किसान पथ पर सेतु निगम और पीडब्ल्यूडी निर्माण कार्य पूरे कर चुके हैं। केवल रेलवे लाइन के ऊपर आरओबी के लिए कुछ काम बाकी है। नवंबर की शुरुआत में इसके पूरा होने की संभावना है।
ऐसे में दिवाली पर किसान पथ पर ट्रैफिक शुरू किया जा सकता है। सेतु निगम के मुख्य परियोजना प्रबंधक संदीप गुप्ता ने बताया कि गोमती के ऊपर हमारे दोनों पुल बन चुके हैं। दिलकुशा रेलखंड पर भी सेतु निगम काम पूरा कर चुका है। यहां बन रहे दोनों आरओबी में रेलवे को काम पूरा करना है।
एक आरओबी पर सड़क बनाई जा रही है। यह काम आठ से 10 दिन में पूरा हो जाएगा। फिर दूसरे आरओबी पर काम शुरू होगा। रेलवे यहां गर्डर रख चुका है। ऐसे में उनके काम में भी अब अधिक समय नहीं लगेगा। रेलवे के काम खत्म करते ही सेतु निगम दो से तीन दिन में फिनिशिंग वर्क पूरा कर देगा। दिवाली पर किसान पथ पर गाड़ियां रफ्तार भर रहीं होंगी।
अभी से उपयोग हो गया शुरू
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि उनका भी इंदिरा नहर के दोनों ओर सड़क बनाने का काम पूरा हो गया है। सर्विस लेन का काम भी लगभग पूरा कर लिया गया है। अब किसान पथ पर ट्रैफिक शुरू किया जा सकता है। एनएचएआई के तैयार हो चुके अयोध्या हाइवे से कुर्सी रोड तक के 14 किमी लिंक से भी इसे जोड़ने का काम हो गया है। एनएचएआई ने इसके लिए अयोध्या हाइवे के ऊपर कलीफ्लावर फ्लाईओवर बनाया है। ऐसे में दिवाली पर शहर को 25 किमी लंबा बाधा रहित आउटर रिंगरोड चलने को मिल जाएगा।
किसान पथ पर कुछ काम भले ही बाकी हो, लेकिन लोगों ने इसका उपयोग शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि किसान पथ पूरी तरह तैयार नहीं है। ऐसे में लोगों को यहां वाहन ले जाने से रोका भी जा रहा है। कुछ जगह अवरोधक भी लगाए गए हैं।
आउटर रिंगरोड का बन गया हिस्सा
यह किसान पथ पहले अलग से राज्य सरकार का प्रोजेक्ट था। सांसद व रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के प्रयास से इसे एनएचएआई के आउटर रिंगरोड का भाग बना लिया गया। अब 105 किमी लंबे आउटर रिंगरोड प्रोजेक्ट में 94 किमी एनएचएआई को बनाना है। वहीं, 11 किमी राज्य सरकार का पीडब्ल्यूडी विभाग बना रहा है।
अभी से उपयोग हो गया शुरू
किसान पथ पर कुछ काम भले ही बाकी हो, लेकिन लोगों ने इसका उपयोग शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि किसान पथ पूरी तरह तैयार नहीं है। ऐसे में लोगों को यहां वाहन ले जाने से रोका भी जा रहा है। कुछ जगह अवरोधक भी लगाए गए हैं।
आउटर रिंगरोड का बन गया हिस्सा
यह किसान पथ पहले अलग से राज्य सरकार का प्रोजेक्ट था। सांसद व रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के प्रयास से इसे एनएचएआई के आउटर रिंगरोड का भाग बना लिया गया। अब 105 किमी लंबे आउटर रिंगरोड प्रोजेक्ट में 94 किमी एनएचएआई को बनाना है। वहीं, 11 किमी राज्य सरकार का पीडब्ल्यूडी विभाग बना रहा है।