लखनऊ। पारा में तिकुनिया मोड़ पर ओवरलोडेड तेज रफ्तार स्लीपर बस के पलटने के मामले में बस का परमिट निरस्त किया जा सकता है। इसे लेकर सोमवार को परिवहन विभाग के अफसरों ने मंथन किया। इस दौरान परिवहन आयुक्त बीएन सिंह ने ओवरलोडिंग रोकने के लिए अभियान चलाने और हादसों पर अंकुश लगाने के निर्देश भी दिए।
बीते रोज आनंद विहार से प्रयागराज जा रही ओवरलोडेड स्लीपर बस संख्या यूपी 17 एटी 9952 पारा में तिकुनिया मोड़ पर हादसे का शिकार हो गई थी। सोमवार को परिवहन विभाग मुख्यालय में हादसे को लेकर अफसरों को दिशा-निर्देश दिए गए। ट्रांसपोर्ट नगर आरटीओ कार्यालय में तैनात आरटीओ प्रवर्तन संदीप कुमार पंकज ने बताया कि बस पर अलग-अलग जिलों में कई चालान हैं। बस पर धारा 86 के अंतर्गत कार्रवाई हो सकती है। इसमें वाहन का परमिट सस्पेंड किया जाता है। एक जिले में पांच चालान होने पर यह कार्रवाई होती है। उन्होंने बताया कि ओवरलोडिंग रोकने के लिए पहले परिवहन विभाग अफसरों के पास ड्राइवर को जेल भेजने तक का अधिकार था, लेकिन इसमें संशोधन कर दिया गया। अब वाहन परमिट ही सस्पेंड किया जा सकता है।