वाहन मालिक अब मोबाइल फोन नंबर की तरह अपने वाहन नबंर को भी पोर्ट करा सकेंगे। वे अपनी पुरानी गाड़ी का नंबर नई गाड़ी के लिए आवंटित करा सकेंगे। इसके साथ ही वाहनों के वीआईपी नंबरों की कीमतें भी नए सिरे से तय कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में इसके लिए मोटरयान नियमावली-1988 के नियम 51 (2) और 51 क (2) (आईवी) में संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
राज्य सरकार के प्रवक्ता कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह और श्रीकांत शर्मा ने बताया कि वाहन मालिक काफी दिनों से मोबाइल फोन नंबर की तरह वाहनों के नंबर की पोर्टेबिलिटी की सुविधा दिए जाने की मांग कर रहे थे।
इसे देखते हुए सरकार ने इससे संबंधी नियम में बदलाव करते हुए उन्हें यह सुविधा देने का फैसला किया है। नई व्यवस्था के मुताबिक अब पुराने वाहन के नंबर को उसी श्रेणी का नया वाहन खरीदने पर आंवटित कराया जा सकेगा। यानी पुरानी जीप का नंबर नई जीप के लिए ही आवंटित किया जाएगा, न कि कार के लिए।