आमतौर पर जब सांसद जीतकर अपने संसदीय क्षेत्र में जाता है तो उसका जोरदार स्वागत होता है लेकिन वरुण गांधी जब सुल्तानपुर पहुंचे तो यहां उनके साथ कुछ अलग ही हुआ।
लोकसभा चुनाव में एकतरफा जीत हासिल कर पहली बार अपने संसदीय क्षेत्र पहुंचे वरुण गांधी का स्वागत मुर्दाबाद, के नारों से हुआ।
वरुण गांधी की शुक्रवार को दीवानी न्यायालय परिसर में आयोजित सभा में नाराज वकीलों ने जमकर हंगामा काटा।
एक अधिवक्ता को बोलने से मना करने को लेकर हुए विवाद में सांसद को वकीलों का भारी विरोध झेलना पड़ा।
माला पहनने से भी किया इनकार
वकीलों ने उनको माला पहनाकर स्वागत करना चाहा तो उन्होंने मना कर दिया। सांसद ने कहा कि सिर्फ एक माला पहना दीजिए।
जिस पर बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उन्हें कई मालाओं को एक साथ पहनाकर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया।
सचिव राजेश बाजपेयी ने पूर्व अध्यक्ष महेंद्र शर्मा को सांसद के स्वागत में बोलने के लिए बुलाया। शर्मा के खड़े होने पर वरुण गांधी ने उन्हें बोलने से मना करते हुए कहा कि वे अपनी बात कहकर जल्दी में जाना चाहते हैं।
इस पर ऐतराज जताने पर सांसद ने कहा कि अगर उन्हें नहीं सुनना है तो वे बाहर चले जाएं। इसी बात को लेकर सांसद व वकीलों में नोकझोंक होने लगी।
और, नाराज हो गए वरुण
स्टेज पर खड़े होकर बोलने का इंतजार कर रहे वरुण को अचानक गुस्सा आ गया। पहले तो धीरे से बोले, आप मुझे बोलने का मौका दीजिए, मैं आपके लिए तमाम सौगातें लेकर आया हूं।
फिर सफाई देने वाले अंदाज में बोले, क्या आज तक चुनाव जीतने के तुरंत बाद कोई सांसद आपके बीच आया है? इस पर भी शोर और विरोध नहीं थमा तो वरुण नाराज हो गए।
बोले, मैं कोई सामान्य सांसद नहीं हूं। मैं ऐसा-वैसा सांसद नहीं हूं। मुझे बदतमीजी पसंद नहीं है। अगर आप नहीं बोलने देंगे तो मैं चला जाऊंगा।
शोर और बढ़ा, तो वरुण झटपट मंच से उतरे और वहां से रवाना हो गए।
वकीलों ने पास किया निंदा प्रस्ताव
हंगामे के बीच वरुण गांधी बिना बोले ही सभा से वापस चले गए। इस बीच वकीलों ने सांसद के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए।
सांसद की कार्यशैली से वकीलों में रोष व्याप्त है। बार एसोसिएशन ने सांसद के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया है।
सचिव राजेश बाजपेयी ने बताया कि निंदा प्रस्ताव को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश के सभी अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष के साथ ही बार कौंसिल ऑफ उप्र को भेजा जाएगा।
मामले को लेकर बार एसोसिएशन ने 16 जून को सधारण सभा की बैठक बुलाई है।