दस लाख के इनामी तहसीन अख्तर समेत आतंकियों का खतरा पूर्वांचल में मंडरा रहा है।
एडीजी कानून व्यवस्था मुकुल गोयल का कहना है कि अभी वाराणसी से आतंकी का खतरा टला नहीं है।
बौध परिपथ सारनाथ, कुशीनगर और श्रावस्ती के पुलिस और खुफिया एजेंसियों को सतर्क किया गया है। उन्होंने कहा कि आईबी से मिले इनपुट का खुलासा करना ठीक नहीं है।
कई जगहों का लिया जायजा
उन्होंने सोमवार की सुबह 10 बजे एडीजी जीएल मीणा और एसपी सुरक्षा एके पांडेय के साथ छत्ताद्वार से काशी विश्वनाथ मंदिर में प्रवेश किया। शृंगार गौरी से सीआरपीएफ कैंप पहुंचने पर रायफल चेक की। इसके बाद, हनुमान मंदिर, सरस्वती फाटक, नीलकंठ का जायजा लेने के बाद कंट्रोल रूम का भी जायजा लिया।
मुआयना के दौरान छह सीसीटीवी कैमरे खराब मिले। कंट्रोल रूम की स्थिति भी ठीक नहीं थी। उन्होंने कैमरे को दुरुस्त करने का निर्देश दिया। साथ ही नया कंट्रोल रूम बनाने का आश्वासन दिया।
सारनाथ का भी किया मुआयना
इस बीच, एसपी सुरक्षा ने मल्टी जोन मेटल डिटेक्टर को मंगाने का प्रस्ताव रखा। डेढ़ घंटे तक मुआयना करने के बाद वे सारनाथ गए। उन्होंने मूलगंध कुटी बिहार, तथागत के अस्थि अवशेष, बोधिवृक्ष, धमेक स्तूप और संग्रहालय का निरीक्षण किया।
पी शिवली थेरो ने उनसे परिसर में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की। उन्होंने बताया कि सुरक्षा का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है।
एनआईए को आशंका है कि पटना और बोधगया में विस्फोट के बाद मास्टर माइंड तहसीन वाराणसी समेत अन्य स्थानों पर घटना को अंजाम दे सकता है। एनआईए ने उसके चार साथियों पर भी इनाम घोषित कर दिया है।