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लखनऊ के लोकबंधु अस्पताल में टीकाकरण के लिए उमड़ी भीड़, खत्म हो गई वैक्सीन

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लखनऊ। लोकबंधु अस्पताल में मंगलवार को कोविड वैक्सीनेशन के लिए ज्यादा भीड़ पहुंच जाने से वैक्सीन खत्म हो गई। अस्पताल प्रशासन को दोबारा वैक्सीन मंगवानी पड़ी। इसमें समय लग जाने से सेंटर पर टीका लगवाने वालों की लाइन लग गई। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि कुल 600 लोगों को वैक्सीन लगाई जानी थी, लेकिन ज्यादा लोगों के आ जाने से यह समस्या आई।
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कोरोना से पैदा हुई गंभीर स्थिति को देखते हुए अब लोग जल्द से जल्द वैक्सीन लगवा लेना चाहते हैं। यही वजह रही कि मंगलवार को लोकबंधु अस्पताल में टीकाकरण के लिए 800 लोग पहुंच गए। जबकि यहां 18 से 44 साल के 300 व 45 साल के ऊपर वालों को 300 वैक्सीन लगनी थी। 200 लोगों के ज्यादा पहुंच जाने से वैक्सीन खत्म हो गई और दोबारा वैक्सीन आने तक लोगों को इंतजार करना पड़ा। करीब एक घंटे बाद दोबारा 100 डोज वैक्सीन मंगाई गई, लेकिन तब तक कई लोग वापस जा चुके थे। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी ने बताया कि 600 लोगों को वैक्सीन लगनी थी, लेकिन ज्यादा लोगों के आ जाने से 100 डोज अतिरिक्त मंगानी पड़ी।
इधर, बिना टीका लगाए थमा दिया प्रमाणपत्र
सरोजनीनगर सीएचसी में बिना टीका लगाए ही बुजुर्ग महिला को प्रमाणपत्र भेज देने का मामला प्रकाश में आया है। अमौसी गांव स्थित गीता आश्रम के पास रहने वाली इंदिरा रानी (64) को सीएचसी सरोजनीनगर में 30 अप्रैल को टीका लगाए जाने का स्लॉट मिला था। बेटे अशोक कुमार ने बताया कि मां की तबीयत खराब होने के कारण वह 30 अप्रैल को टीकाकरण कराने नहीं जा सका। इसके दो दिन बाद उसके मोबाइल पर मेसेज आया कि मां को टीका लगा दिया गया है। यही नहीं इसका प्रमाणपत्र भी मोबाइल पर भेज दिया गया। उसने सीएचसी पहुंच कर इसकी शिकायत की, लेकिन चिकित्सकों ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। उसने मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। इस बारे में सीएचसी प्रभारी डॉ. अंशुमान श्रीवास्तव का कहना है कि ऐसा गलती से हो गया होगा। मामले की जांच कराई जा रही है। जल्द ही पीड़ित का वैक्सीनेशन कराया जाएगा।
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