स्टांप एवं रजिस्ट्री विभाग में उप महानिरीक्षक निबंधन (डीआईजी) व सहायक महानिरीक्षक निबंधन (एआईजी) के पद काफी दिनों से खाली पड़े हैं। इसका असर विभागीय राजस्व वसूली पर भी पड़ रहा है। इसे देखते हुए इन पदों को भरने की कवायद शुरू कर दी गई है।
राजस्व वसूली के लिहाज से महत्वपूर्ण डीआईजी व एआईजी के पद विभागीय प्रोन्नति से भरे जाते हैं, लेकिन वर्ष 2017 के बाद एआईजी और 2018 के बाद डीआईजी के पद पर प्रोन्नति नहीं हुई है। इससे डीआईजी के 24 में से 6 पद खाली पड़े हैं। 31 जुलाई को एक पद और खाली हो जाएगा।
वहीं, पिछले करीब चार वर्षों से डीपीसी न होने से एआईजी के 95 पदों में से भी दर्जनों पद खाली हो चुके हैं। इससे रजिस्ट्री दफ्तरों के नियमित निरीक्षण, स्टांप संबंधी मामलों की सुनवाई, स्टांप देयता संबंधी जांच जैसे महत्वपूर्ण कार्य बाधित हो रहे हैं। कई जिलों में प्रभारी व्यवस्था से काम चलाया जा रहा है।
सूत्रों ने बताया कि एआईजी से डीआईजी पद पर प्रोन्नति के लिए डीपीसी हाल ही में हो चुकी है। लेकिन कुछ अधिकारियों की ओर से वरिष्ठता को लेकर न्यायालय चले जाने के कारण मामला अटका हुआ है। वहीं, रजिस्ट्रार से एआईजी के पदों पर प्रोन्नति का प्रस्ताव तैयार करके उप्र लोक सेवा आयोग को भेज दिया गया है। आयोग से अनुमति मिलते ही डीपीसी की बैठक की तिथि घोषित कर दी जाएगी।