यूपी व उत्तराखंड के बीच परिसंपत्तियों के बंटवारे का 21 साल से चल रहा विवाद बृहस्पतिवार को समाप्त हो गया। समझौते के तहत हरिद्वार स्थित अलकनंदा गेस्ट हाउस उत्तराखंड को दिया जाएगा। आवास विकास की संपत्तियों और देनदारी का 50-50 प्रतिशत बंटवारा किया जाएगा। साथ ही दोनों प्रदेशों की ओर से संपत्ति विवाद को लेकर न्यायालयों में दायर वाद वापस लिए जाएंगे।
इस मसले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बीच बृहस्पतिवार को दो दौर की बैठक हुई। इसके बाद भाजपा प्रदेश मुख्यालय में धामी ने कहा कि यूपी व उत्तराखंड के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री योगी ने बड़े भाई की तरह आपसी सहमति से सभी मामलों का निस्तारण किया। परिसंपत्तियों के बंटवारा होने से यूपी व उत्तराखंड में बड़े-छोटे भाई का रिश्ता जीवंत रहेगा।
यूपी का ही हूं मैं
यूपी सरकार ने वाटर स्पोर्ट को भी शुरू करने की अनुमति दे दी है। जबकि कुछ मुद्दों के निपटारे के लिए 15 दिन का समय मांगा गया है। यूपी सरकार उत्तराखंड कोर्ट में चल रहे मुकदमें वापस लेगी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 दिन बाद सभी परिसंपत्तियों के विवाद हल हो जाएंगे।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया और उन्हें धन्यवाद दिया। कहा कि दोनों राज्यों के बीच छोटे-बड़े भाई के संबंध हैं। मेरा यूपी से पुराना रिश्ता है। मेरे सभी शैक्षणिक दस्तावेज यूपी के हैं। योगी जी ने दिल खोलकर हमारी बातों को माना। हमारा मकसद सभी का सम्मान और सभी का विकास है।
इन मुद्दों पर बनी सहमति
- यूपी-उत्तराखंड की सीमा पर स्थित सिंचाई विभाग में 5700 हेक्टेयर भूमि और 1700 मकानों का दोनों के बीच बांटा जाएगा। अगले 15 दिनों में दोनों राज्यों की टीम सर्वे करेगी। इसके आधार पर जितनी भूमि व मकानों की यूपी को आवश्कता है वह यूपी को मिलेंगे और शेष उत्तराखंड को।
- भारत-नेपाल सीमा पर चंपावत जिले में बनबसा में स्थित बैराज का पुनर्निर्माण कराया जाएगा। बीते 18-19 अक्तूबर को आई आपदा में क्षतिग्रस्त हुए किच्छा बैराज का भी पुनर्निर्माण होगा।
- उप्र. परिवहन निगम की ओर से उत्तराखंड को 205 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
- आवास विभाग की परिसंपत्तियां व देनदारी को 50-50 प्रतिशत के आधार पर दोनों राज्य बांटेंगे।
- हरिद्वार का अलकनंदा होटल उत्तराखंड को हस्तांतरित होगा।
- किच्छा बस स्टैंड की भूमि तत्काल उत्तराखंड को हस्तांतरित की जाएगी।
- वन विभाग के मामले में 90 करोड़ का भुगतान यूपी की ओर से किया जाएगा।
- दोहरा, नानकसागर व गंगनहर में वाटर स्पोर्ट्स की अनुमति मिल गई है। अब ऐडवेंचर्स स्पोर्ट्स के लिए एनओसी की मंजूरी नहीं लेनी पड़ेगी।