इन राज्यों को छोड़ दिया पीछे
जिला, ब्लाक और ग्राम पंचायत स्तर पर तेजी से चल रहे भूगर्भ जल को बचाने के अभियानों की वजह से यूपी गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, एमपी, महाराष्ट्र, राजस्थान जैसे राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। भूजल स्तर को बेहतर करने और किसानों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से योजना यूपी में काफी कारगर साबित हुई है। भूजल संसाधनों की सुरक्षा, संरक्षण, प्रबंधन और नियमन को यूपी के 10 जिलों (चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर, झांसी, मुज्जफरनगर, शामली, ललितपुर, महोबा, बागपत और मेरठ) में तेजी से पूरा किया जा रहा है।
यूपी में अटल भूजल योजना कायम कर रही नए आयाम
ताजा आंकड़े दिसम्बर 2023 में जारी किए गए हैं। इस रैंकिंग में यूपी ने अटल भूजल योजना में राज्य स्तर पर पहला स्थान प्राप्त किया है। यूपी के बाद महाराष्ट्र, तीसरे पर मध्य प्रदेश है। जबकि हरियाणा, कर्नाटक, गुजरात और राजस्थान इन तीनों राज्यों से पीछे हैं। जिला रैंकिंग में सभी सात राज्यों के 78 जिलों में यूपी के पांच जिले (शामली, झांसी, ललितपुर,मुज्ज्फरनगर, हमीरपुर) टॉप 10 में शामिल हुए हैं।
इसी तरह से ब्लाक स्तर पर जारी रैंकिंग में देश के 193 ब्लाकों में यूपी के पांच ब्लाक (झांसी का बबीना, शामली का कंधला, हमीरपुर का मुस्करा, ललितपुर का तालबेहट, झांसी का मऊरानीपुर) टॉप 10 में हैं। इसी तरह से ग्राम पंचायत स्तर पर जारी रैंकिंग में देश के 8353 ग्राम पंचायतों में यूपी की 7 ग्राम पंचायतें शामिल हुई हैं। इन ग्राम पंचायतों में मऊरानीपुर झांसी की भडरवारा ग्राम पंचायत, चकारा ग्राम पंचायत, खंडरका ग्राम पंचायत, रोरा ग्राम पंचायत और खरखोडा मेरठ की आढ़ ग्राम पंचायत, बुढाना मुज्जफरनगर की अलीपुर अलटना ग्राम पंचायत और फुगाना ग्राम पंचायतें शामिल हैं।
भूजल के बाद भूगर्भ जल में होगा सुधार- स्वतंत्र देव सिंह
जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने यूपी में भूजल संसाधनों की सुरक्षा, संरक्षण, प्रबंधन और नियमन के 10 जिलों में तेजी से चल रहे कार्यों की सराहना की है। उन्होंने नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव समेत समस्त अधिकारियों और जमीनी स्तर तक योजना को ले जा रहे इंजीनियरों और कर्मचारियों की भी तारीफ की है। उन्होंने कहा है कि योजना से बहुत जल्द यूपी में भूमिगत जल की कमी की समस्या से निजात मिल जाएगी और आने वाले समय में पीने के पानी की कोई कमी नहीं रहेगी।