अमर उजाला से बातचीत में सुलखान सिंह ने बताया कि उन्होंने फेसबुक पर अपना मत रखा है। छोटे राज्यों से प्रजातंत्र की आकांक्षाओं की पूर्ति होने में आसानी होती है। इसके अलावा अलग-अलग क्षेत्र के संसाधन और समस्या अलग अलग होती है। अगर बुंदेलखंड का क्षेत्र सूखे से सर्वाधिक प्रभावित रहता है तो गोरखपुर का क्षेत्र बाढ़ से परेशान रहता है। किसी की आवश्यकता उद्योग है तो किसी की आवश्यकता अपराध पर नियंत्रण करने की। ऐसे में जो अधिक पावरफुल होता है वह अपने क्षेत्र के लिए बजट का बड़ा हिस्सा खींच लेता है।
सरकारें चाहकर भी समग्र क्षेत्र की आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं कर पातीं। इसी तरह अलग-अलग क्षेत्र में अपराध की स्थिति भी अलग है। पश्चिमी यूपी में अपराध अधिक है, लेकिन बुंदेलखंड में बहुत कम है। जाहिर है पश्चिमी में अधिक फोर्स की आवश्यकता होगी।
बता दें कि सुलखान सिंह बुंदेलखंड के बांदा जिले के रहने वाले हैं। उनकी पहचान मौजूदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खास अफसर के रूप में होती है। यही वजह है कि डीजीपी के पद से रिटायर होने से ठीक पहले सरकार ने उन्हें तीन महीने का सेवा विस्तार दिया था। सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें पुलिस सुधार आयोग का अध्यक्ष बना दिया। इससे पहले उन्हें जेल में हुई मुन्ना बजरंगी की हत्या की घटना के बाद जेलों में सुधार के लिए बनी कमेटी का भी अध्यक्ष बनाया गया था।