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ये UP पुलिस हैं...चालान काटती हैं, पर इनकी गाड़ियों का इंश्योरेंस नहीं होता

Wed, 30 Aug 2017 01:13 PM IST
amarujala.com-presented by: आनंद
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अमूमन शहर की सड़कों पर दौड़ाकर...वाहनों को रोक कर पुलिसकर्मियों को दस्तावेज और इंश्योरेंस जांचते आपने देखा होगा। एक दिन भी इंश्योरेंस लैप्स हुआ तो पुलिस चालान काटकर जुर्माना वसूल लेती है। आपको जानकर हैरानी होगी कि आम आदमी के वाहन का इंश्योरेंस नहीं होने पर भारी जुर्माना वसूलने वाले पुलिस महकमे की गाड़ियों का ही इंश्योरेंस नहीं है।
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मौजूदा समय में पुलिस की सड़कों पर दौड़ रहे तीन सौ से ज्यादा वाहन असुरक्षित हैं, क्योंकि उनका इंश्योरेंस करवाने की सुध महकमा को नहीं आई है। यही वजह है कि सड़क पर हादसे का शिकार होने पर इंश्योरेंस क्लेम दूर की कौड़ी साबित होता है।

विभागीय जानकारी के मुताबिक ऑन ड्यूटी जनपद की क्षतिग्रस्त होने वाली गाड़ियों पर सालाना औसतन 15 लाख का खर्च महकमा को उठाना पड़ता है। पूरा मामला एडीजी ब्रजराज मीना की जानकारी में आने के बाद उन्होंने पीएचक्यू से अनुमति के बाद वाहनों के इंश्योरेंस करवाने की बात कही। 
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डरे रहते हैं पुलिस के ड्राइवर 

गाड़ियों के क्षतिग्रस्त होने पर पुलिस विभाग के ड्राइवरों के वेतन से भी कटौती होती है। यही वजह है कि पुलिस महकमा की गाड़ियों को चलाने वाले ड्राइवर डरे रहते हैं। हाल में हाईवे पर हुए एक हादसे में यूपी 100 की गाड़ी क्षतिग्रस्त होने पर वाहन चालक पुलिसकर्मी के वेतन से कटौती की गई। यूपी 100 प्रभारी राजेंद्र सिंह के मुताबिक यूपी 100 एसपी मेंटीनेंस एमपी वर्मा भी बताते हैं कि गाड़ियों के इंश्योरेंस की वर्तमान में कोई व्यवस्था नहीं है। 

20 हजार तक एसएसपी को पॉवर 

पुलिस लाइंस के आरआई महावीर सिंह ने बताया कि अधिकारी लाइन की गाड़ियों की जांच करते हैं, लेकिन नियमित फिटनेस नहीं करवाया गया है। गाड़ियों में मरम्मत की जरूरत महसूस होने पर 20 हजार तक का खर्च एसएसपी के निर्देश पर होता है। इससे अधिक के लिए मुख्यालय से अनुमति आवश्यक होती है। 

सिर्फ अधिकारियों की गाड़ियों का शुरुआत में हुआ इंश्योरेंस 

बता दें कि आईजी, डीआईजी और एसएसपी के वाहनों का शुरुआती इंश्योरेंस के बाद कभी विभाग इसकी सुध नहीं लेता। वाहनों के रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण तक नहीं होता। थानों के वाहनों का कभी इंश्योरेंस नहीं करवाया जाता है। सभी गाड़ियां खुद के रिस्क पर घूमती रहती हैं। 

 
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पुलिस की गाड़ियों के हादसों की घटनायें 

24 अगस्त 2017 कटरा थाने से चली पशु तस्करों की ट्रक ने फतेहगंज पूर्वी से होकर अहलादपुर चौकी तक पुलिस के तीन वाहनों को टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया था। 
28 दिसंबर 2016 फतेहगंज पश्चिमी के पास तस्करों ने पुलिस की जीप को निशाना बनाया था। 
7 नवंबर 2016  रामपुर की तरफ जाती हुई पशु तस्करों के ट्रक ने पीआरवी वैन को टक्कर मारी थी। 
6 मार्च 2016 मीरगंज में पशु तस्करों ने पुलिस की जीप को रौंद दिया था। 

बड़े वाहन - 11 
मध्यम वाहन - 10 
बुलेरो, जीप, इनोवा - 123
मोटर साइकिल - 91 
यूपी 100 की गाड़ी - 84
(पुलिस लाइंस से आंकड़े प्राप्त हुए)

बरेली जोन के एडीजी  ब्रजराज मीना के कहा कि यह सही है कि पुलिस के वाहनों का इंश्योरेंस नहीं है। मैं पीएचक्यू को इस संबंध में पत्र लिखूंगा। सभी वाहनों का इंश्योरेंस करवाया जाएगा। सिर्फ जनपद ही नहीं जोन स्तर पर पुलिस के वाहनों का इंश्योरेंस होना चाहिए। 
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