भारी बारिश की वजह से खेती को भी नुकसान हो सकता है। बुवाई की अवस्था में बारिश के कारण अगेती आलू की फसल में पानी भरने से बीज सड़ने व अंकुरण की कमी की संभावना है। खेतों में खड़ी गन्ना की फसल को भी भारी बारिश व तेज हवा नुकसान पहुंचा सकती है। खेत में जलभराव से धान, अरहर, मूंगफली, तिल, उर्द, मूंग, तोरिया और सब्जियों की फसल को भी नुकसान हो सकता है।
अक्तूबर माह में एक दिन में सबसे ज्यादा बारिश वाराणसी में दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, तीन अक्तूबर सुबह से चार अक्तूबर सुबह तक यहां रिकॉर्डतोड़ 187 मिमी. बारिश दर्ज की गई जो अक्तूबर में एक दिन में सबसे ज्यादा बारिश है। इससे पहले यहां कभी इससे अधिक बारिश 24 घंटे के दौरान अक्तूबर ने नहीं दर्ज की गई।
सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुर, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, बिजनौर, अमरोहा, संभल, बदायूं व आसपास के इलाकों में।
सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, बिजनोर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, संभल, बदायूं व आसपास के इलाकों में।