बच्चे के शरीर पर लगे चोट के निशान।
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लखनऊ के पीजीआई थाने में एक 14 वर्षीय बच्चे को बुरी तरह पीटने और उंगलियों को बूट के नीचे रौंदने की बर्बरता पूर्ण कार्रवाई के लिए उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग ने नोटिस जारी कर लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी से चार हफ्ते में जवाब मांगा है।
आयोग ने समाचार पत्रों में छपी खबरों के आधार पर मामले का संज्ञान लिया है। आपको बता दें कि मामले में शनिवार को चौकी प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर गया था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि अपर पुलिस अधीक्षक विधानसभा/सचिवालय सुरक्षा सर्वेश कुमार मिश्रा की जांच रिपोर्ट पर तेलीबाग चौकी प्रभारी रजनीश वर्मा, मुख्य आरक्षी दिनेश त्रिपाठी व संदीप सिंह को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा पीड़ित व उसके परिवार को क्षेत्राधिकारी कैंट के कार्यालय से टरकाने वाले मुंशी राजेंद्र पटेल को विभागीय दंडात्मक कार्रवाई का नोटिस जारी किया गया है।
जांच में पाया गया था कि चौकी प्रभारी व दोनों मुख्य आरक्षी ने किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों का पालन न करके अवैधानिक तरीके से कार्रवाई की। चिकित्सकीय परीक्षण में किशोर को साधारण चोट व सूजन पाई गई है। इस पर क्षेत्राधिकारी को निर्देश दिया गया कि परिवारीजन की इच्छा पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ तुरंत प्राथमिकी दर्ज कराकर कार्रवाई करें।