यूपी में एयर कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए हवाई अड्डों और हवाई पट्टियों का कायाकल्प किया जाएगा। लखनऊ में रन-वे विस्तार के लिए 16.59 एकड़ जमीन खरीदी जाएगी। वाराणसी में अंतरराष्ट्रीय ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट विकसित करने के लिए वाराणसी, संत रविदासनगर तथा जौनपुर में 3000 एकड़ भूमि चिह्नित करने और इसके लिए जरूरी रकम का आकलन करने के इन जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं।
गोरखपुर में एयरपोर्ट के विकास के लिए 60 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। गोरखपुर के डीएम को एक माह में यह जमीन चिह्नित करने को कहा गया है। वहीं, राजधानी लखनऊ में शहीद पथ को एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए वैकल्पिक मार्ग बनाने को गठित कमेटी ने एयरपोर्ट अथॉरिटी को रिपोर्ट दे दी है। एयरपोर्ट अथॉरिटी सहमति होने पर पीडब्ल्यूडी को जमीन लीज पर देगी। पीडब्ल्यूडी इस पर सड़क बनाएगा।
घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाओं का दायरा बढ़ाने के लिए हवाई अड्डों के विस्तार के प्रोजेक्ट को अमली जामा पहनाने को हुई उच्चस्तरीय बैठक में समयबद्ध कार्ययोजना बनाई गई। इसके तहत राजधानी में चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रन-वे विस्तार के लिए 500 करोड़ रुपये से 16.59 एकड़ जमीन खरीदी जाएगी।
ढाई माह पहले एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) को लखनऊ एयरपोर्ट की अप्रयुक्त भूमि से पैसा जुटाने की संभावनाओं का अध्ययन करने को कहा गया था। इससे मिलने वाली रकम भी रन-वे विस्तार की जमीन खरीद में इस्तेमाल होनी थी। एयरपोर्ट अथॉरिटी ये अब इसी माह इसका आकलन करने को कहा गया है।
एयरपोर्ट पर जलभराव के समाधान को रिपोर्ट एक माह में
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अमौसी एयरपोर्ट पर बरसात में जलभराव की समस्या से निजात के लिए मुख्य सचिव राजीव कुमार ने निदेशक नागरिक उड्डयन की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है। इसमें एलडीए उपाध्यक्ष, एयरपोर्ट डायरेक्टर, नगर आयुक्त और सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता को शामिल किया गया है। समिति जलभराव पर एक माह में रिपोर्ट देगी।
हवाई सेवा से जुड़ेंगेे एयर स्ट्रिप वाले 11 शहर
जल्द ही प्रदेश के उन 11 शहरों को हवाई सेवाओं से जोड़ा जाएगा जहां अभी हवाई पट्टियां (एयर स्ट्रिप) मौजूद हैं। प्रदेश सरकार रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (आरसीएस) इन्हें नो-फ्रिल्स एयरपोर्ट के रूप में विकसित करेगी। एक नो फ्रिल्स एयरपोर्ट पर सिर्फ 60 से 90 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है।
मुख्य सचिव राजीव कुमार ने निदेशक, नागरिक उड्डयन को मुरादाबाद, मेरठ, फैजाबाद, अलीगढ़, सहारनपुर, झांसी, सहारनपुर, आजमगढ़, सोनभद्र, श्रावस्ती व चित्रकूट हवाई पट्टी को विकसित करने के लिए एस्टीमेट बनाने को कहा है। आने वाले समय में यहां के लिए वायु सेवा प्रारंभ की जाएगी।
कानपुर, आगरा, इलाहाबाद के लिए हवाई सेवा जल्द
प्रदेश के चार शहरों में सिविल एन्क्लेव एयरपोर्ट बनाए जाने हैं। यहां हवाई सेवाओं के लिए एयर लाइंस से बातचीत शुरू करने को कहा गया है। आगरा और कानपुर के लिए वहां के जिला प्रशासन को क्रमश: 153.67 करोड़ और 82.24 करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं।
दोनों का शिलान्यास इसी साल दिसंबर में होना है। इलाहाबाद के डीएम को भी 289 करोड़ रुपये दे दिए गए हैं। बरेली में सिविल एन्क्लेव एयरपोर्ट की जिग-जैग बाउंड्रीवाल सीधी करने के लिए 2.27 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि खरीदने का प्रस्ताव मंजूर हो गया है।
एलीवेटेड रोड से जुड़ेंगी दिल्ली व जेवर एयरपोर्ट
प्रदेश सरकार ने जेवर में प्रस्तावित ग्रीन फील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए जरूरी जमीन खरीदने की जिम्मेदारी यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण को सौंपी है। जमीन के लिए अनुपूरक बजट में रकम का प्रावधान होगा।
प्रस्तावित एयरपोर्ट स्थल से हटाई जाने वाली परिसंपत्तियों की सूची तैयार करने का काम तत्काल शुरू करने को कहा गया है। जेवर एयरपोर्ट को उपयोगी बनाने के लिए उसकी दिल्ली के मुख्य क्षेत्रों से रोड कनेक्टिविटी बनाई जाएगी। इसके लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय से एलीवेटेड रोड बनवाने का अनुरोध किया है।