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यूपी का टेस्ट पॉजिटिविटी रेट अन्य राज्यों से कम, जनसंख्या के हिसाब से यहां ज्यादा हो रहीं कोरोना की जांचें

Sat, 08 Aug 2020 10:54 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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कोरोना संक्रमण का पता लगाने के लिए जो जांचें की जा रही हैं, उनमें अन्य राज्यों के मुकाबले उत्तर प्रदेश में कम पॉजिटिव मरीज मिल रहे हैं। हालांकि जनसंख्या के हिसाब से यहां जांचें भी ज्यादा हो रही हैं। देश में सबसे अधिक प्रभावित महाराष्ट्र से तुलना करें तो वहां जांचें यूपी से कम हुई हैं लेकिन केस चार गुना अधिक हैं।
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वहां का टेस्ट पॉजिटिविटी रेट (टीपीआर) 19.6 प्रतिशत है और यूपी का 3.9 प्रतिशत है। 6 अगस्त तक देश के सभी राज्यों के केस और जांच की संख्या के आधार पर जारी आंकड़ों के अनुसार यूपी से अधिक पॉजिटिविटी वाले सात राज्य हैं। 

इनमें महाराष्ट्र 19.6 प्रतिशत के साथ सबसे ऊपर है। इसके बाद तेलंगाना 15 प्रतिशत से कम तथा दिल्ली 10 प्रतिशत से कुछ ज्यादा है। गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश का भी यही हाल है। खास बात यह है कि 22 जुलाई को भी यूपी का पॉजिटिविटी रेट 3.9 प्रतिशत ही था, जो 6 अगस्त को भी है। 
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इससे पता चलता है कि यूपी में कोरोना संक्रमण का पता लगाने और रोकने के लिए किए जा रहे प्रयास काफी हद तक प्रभावी हो रहे हैं। महाराष्ट्र में भी कुछ सुधार दिखा है। 22 जुलाई को महाराष्ट्र का टेस्ट पॉजिटिविटी रेट 19.9 प्रतिशत था, जो 6 अगस्त को 19.6 प्रतिशत हो गया है।   
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार देश में 6 अगस्त तक कुल 2 करोड़ 27 लाख 24 हजार 143 टेस्ट किए जा चुके हैं। यह प्रति 10 लाख की जनसंख्या पर लगभग 16050 टेस्ट निकल रहा है। 

इस हिसाब से देश का टेस्ट पॉजिटिविटी रेट 9.14 प्रतिशत है, जबकि डब्लूएचओ का टीपीआर का बेंचमार्क 5 प्रतिशत है। विशेषज्ञों के अनुसार पॉजिटिविटी रेट प्रति 100 टेस्ट पर संक्रमित पाए जाने वाले    लोगों की संख्या के हिसाब से निकाला जाता है। 
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