गौरतलब है कि, 20 जून को सचिवालय प्रशासन विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेईमान और भ्रष्ट अधिकारियों को आड़े हाथ लिया था। उन्होंने कहा था कि बेईमान-भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सरकार में कोई जगह नहीं। इन्हें तत्काल वीआरएस दे दीजिए।
साथ ही जिन अधिकारियों की गतिविधियां संदिग्ध हैं और जिनके खिलाफ शिकायतें दर्ज हैं, उनकी सूची तैयार करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कार्य पद्धति सुधारने के निर्देश भी दिए थे। उन्होंने ई-ऑफिस की कार्य प्रगति पर असंतोष जताते हुए कहा था कि दो वर्ष के बाद भी शत प्रतिशत कार्य क्यों नहीं हो पाया है।