चोरी के लिए लकड़ी का टुकड़ा फेंक कर मकान करते थे चिह्नित
लखनऊ। रेकी कर लकड़ी का टुकड़ा, पन्नी भरा कचरा व कपड़ा फेंककर मकान चिह्नित करने और लाखों के जेवर चुराने वाले गिरोह के तीन और आरोपियों को सरोजनीनगर पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। इनमें से एक सराफ है। गिरोह के सरगना हसनगंज के डालीगंज निवासी अकरम उर्फ पप्पू को पुलिस ने मुठभेड़ में रविवार रात गिरफ्तार किया था। आरोपी के बाएं पैर में गोली लगी थी। भागे दो अन्य आरोपियों इरफान व अब्बू तालिब की तलाश जारी है।
डीसीपी दक्षिणी निपुण अग्रवाल के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों में सीतापुर के रामपुर का हारुन, सुल्तानपुर के अकडरियाकला में रहने वाला पिंटू कश्यप व आरोपियों से माल खरीदने का आरोपी सराफ दुबग्गा के भरावन कला निवासी अमिताभ रस्तोगी है। हारुन पर आठ व पिंटू पर लखीमपुर, सीतापुर व लखनऊ के विभिन्न थानों में 20 मुकदमे व गैंगस्टर की कार्रवाई हो चुकी है। अमिताभ मूलरूप से बहराइच के नानपारा का रहने वाला है।
आरोपियों के कब्जे से लाखों के जेवर, घटना में इस्तेमाल वैन व जाली नंबर प्लेट बरामद हुई है। आरोपियों ने एलडीए कॉलोनी निवासी सेवानिवृत्त डीआरटी अधिकारी सुरेंद्र विक्रम सिंह व एक अन्य के मकान में चोरी की थी। सुरेंद्र के मकान में पुराना कपड़ा व दूसरे मकान में कचरे से भरी पॉलिथीन फेंकी थी।
24 घंटे में दो बार करते थे रेकी
डीसीपी ने बताया कि आरोपी रात दस बजे रिहायशी इलाकों में बंद मकानों में चीजें फेंक कर चिह्नित करते थे। अगले दिन रात दो बजे आकर फेंके सामान की जांच करते थे कि वह वहीं पड़ा है नहीं। सामान अगर वहीं पड़ा रहता था तो पेंचकस और पाने से खिड़कियों में लगी ग्रिल ढीली करते थे। फिर ग्रिल को रॉड से उठा कर घर में घुस जाते थे। आरोपी पहले भी कई बार जेल जा चुके हैं।
रास्ते में मालवाहक में लेते थे लिफ्ट
आरोपी पकड़े न जाएं इसलिए बीच रास्ते वैन छोड़ देते थे। फिर मालवाहक वाहन में लिफ्ट लेते थे। ऐसा इसलिए करते थे कि पुलिस चेकिंग कर रही हो तो खुद को मजदूर बता सकें। इसके बाद सराफ को चोरी के जेवर बेच देते थे। डीसीपी ने पुलिस टीम को 25 हजार का इनाम देने की घोषणा की है।