उप्र प्राविधिक विश्वविद्यालय (यूपीटीयू) से संबद्ध इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेजों की संबद्धता की फीस अलग खाता खोलकर जमा करवाने के आरोपी वित्त अधिकारी वीरेन्द्र चौबे को बुधवार को नोटिस जारी किया गया है।
कुलपति डॉ. आरके खांडल ने उन्हें जांच कमेटी के सामने न पेश होने के कारण नोटिस थमाया है। कुलपति का कहना है कि बैंक में वित्त अधिकारी ने उच्चाधिकारियों को जानकारी दिए बगैर अलग खाता खोल लिया था।
मामला पकड़े जाने के बाद इसकी जांच के आदेश दिए गए थे। जांच कमेटी ने वित्त अधिकारी को बयान देने के लिए बुलाया मगर वह अभी तक पेश नहीं हुए हैं। उन्हें नोटिस का स्पष्टीकरण देते हुए जांच कमेटी के सामने जल्द पेश होने को कहा गया है।
हाईकोर्ट के जज कर रहे हैं मामले की जांच
यूपीटीयू में नए शैक्षिक सत्र 2014-15 में कॉलेजों की संबद्धता के लिए बैंक में अलग खाता खोला गया था। वित्त अधिकारी वीरेन्द्र चौबे ने अपने नाम से खाता खोल लिया और इसकी जानकारी कुलपति को नहीं दी।
110 इंजीनियरिंग कॉलेजों के संबद्धता मामले की जांच कर रहे हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश आलोक कुमार सिंह को ही जांच की जिम्मेदारी दी गई थी।
उन्होंने वित्त अधिकारी वीरेन्द्र चौबे को बयान देने के लिए बुलाया था। मगर वह पंद्रह दिनों की छुट्टी पर चले गए। उन्होंने कुलपति को छुट्टी के लिए जो प्रार्थना पत्र दिया उसमें मानसिक रूप से थके होने और शारीरिक रूप से बीमार होने का हवाला दिया था।
बुधवार को चौबे यूपीटीयू कैंपस आए और उन्होंने फिर से अपना काम देखना शुरू किया। इधर, जांच कमेटी के निर्देश पर कुलपति डॉ. आरके खांडल ने उन्हें नोटिस थमा दिया।
नए रजिस्ट्रार की नियुक्ति
वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी पवन कुमार गंगवार ने बुधवार को यूपीटीयू के रजिस्ट्रार पद का कार्यभार संभाल लिया। उन्हें कार्यभार सौंपने के लिए प्रतिकुलपति प्रो. दिवाकर सिंह यादव मौजूद थे।
बीते एक महीने से रजिस्ट्रार पद के कमरे में ताला लगाकर गायब रहने वाले यूएस तोमर भी मौके पर पहुंचे। उन्हें दोपहर तीन बजे कमरे का ताला खोलने के लिए बुलाया गया था।
तोमर ने कमरे का ताला खोला और नए रजिस्ट्रार के पदभार ग्रहण के समय मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है, यूपीटीयू प्रशासन ने 24 मई को तोमर को रजिस्ट्रार पद से हटा दिया था।