अब तक आयोग एक परीक्षा एजेंसी से पूरी भर्ती कार्रवाई संपन्न कराता था। केंद्रीकृत परीक्षा व्यवस्था से कई तरह की खामियां सामने आने के बाद आयोग ने अलग-अलग काम के लिए अलग-अलग परीक्षा एजेंसी रखने का फैसला किया है। परीक्षा संबंधी कार्यों को चार मुख्य हिस्से में बांटकर एजेंसी चयन की कार्रवाई शुरू की जा सकती है। अन्य छोटे-छोटे कार्यों के लिए अन्य एजेंसी भी रखी जा सकती है। प्रस्ताव के मुताबिक 13 कार्यों के लिए एजेंसी रखने का प्रस्ताव है। पूरे परीक्षा की जिम्मेदारी 4 से 13 एजेंसियों के बीच तय हो सकती है।