सपा शासनकाल में उर्दू अनुवादक के करीब 112 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू हुई थी। यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) ने इसके लिए लिखित परीक्षा का आयोजन कराया था।
आयोग में शिकायत की गई है कि लिखित परीक्षा के प्रश्न पत्र सेवा नियमावली के हिसाब से नहीं बनाए गए।
आयोग ने इस संबंध में उर्दू के विशेषज्ञ से राय लेने का फैसला किया है। आयोग के चेयरमैन सीबी पालीवाल ने बताया कि यदि पाया गया कि प्रश्न पत्र सेवा नियमावली के हिसाब से नहीं थे, तो भर्ती रद्द हो सकती है।