फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यस बैंक संकट: यूपी परिवहन निगम के भी 38 करोड़ फंसे, शर्तों को दरकिनार कर किया गया था निवेश

Sun, 08 Mar 2020 02:42 PM IST
ishwar ashish नरेश शर्मा, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
- फोटो : ANI
विज्ञापन

यस बैंक में यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम के भी 38 करोड़ रुपये फंस गए हैं। परिवहन निगम को यह खामियाजा सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक बैंकिंग की लापरवाही से भुगतना पड़ा है। रकम नई बस खरीदने के मद की है। हालांकि कुछ अफसरों की यस बैंक के गिरते शेयर पर पैनी निगाह थी, इससे 385 करोड़ बच गए, नहीं तो 423 करोड़ रुपये फंसते।

विज्ञापन


निगम द्वारा वर्ष 2018 से 2019 के बीच बचाये गए 423 करोड़ रुपये को यस बैंक में चार चरणों में फिक्स डिपॉजिट किया गया। लखनऊ परिक्षेत्र के एक बड़े अफसर ने बताया कि बिचौलिए की टीम ने अधिक ब्याज व खुद के फायदे के लिए यह निवेश कराया था।

डॉ. राजशेखर ने जुलाई 2019 में जब प्रबंध निदेशक की कमान संभाली तो बिचौलियों की करतूत का पता चला। इसके बाद यस बैंक की एफडी के 385 करोड़ निकालकर राष्ट्रीयकृत बैंक में जमा कराया गया। एफडी की यह रकम परिवहन निगम ने तीन माह पहले ही वापस ली थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

किसके इशारे पर हुआ खेल?

यस बैंक में सबसे अंत में 38 करोड़ फिक्स डिपॉजिट किए गए। इस दौरान उस शर्त को दर किनार कर दिया जो 385 करोड़ के निवेश में लागू थी। इसमें शर्त थी कि एफडी की रकम को किसी भी वक्त तोड़ करके निकाला जा सकता है। अब सवाल उठ रहा है कि यह खेल किसके इशारे पर हुआ।

बैंक को पत्र लिखा
यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. राजशेखर का कहना है कि सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक बैंकिंग की लापरवाही से यस बैंक में एफडी के 38 करोड़ फंस गए हैं। यस बैंक के प्रबंधक को पत्र लिखा गया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें