एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह राठौर ने कहा कि कर्मचारी सरकार के इस फैसले से काफी नाराज हैं। धरने पर बैठे कर्मचारी यूनियनों के लोगों ने कहा कि जब तक सरकार अपने निर्णय पर पुनर्विचार नहीं करती, तब तक वह धरना नहीं समाप्त करेंगे।
उन्होंने कहा कि कंपनी में करीब 500 युवा कर्मचारी हैं, जो कंपनी बंद होने के बाद बेरोजगार हो जाएंगे।